Hickey Danger: लव बाइट से हो सकता है स्ट्रोक का खतरा! डॉक्टरों ने दी चेतावनी, जानें क्या है हिक्की के पीछे की सच्चाई

Love Bite Ke Side Effects: लव बाइट यानी हिक्की को हल्के में न लें, इससे खून के थक्के और स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। जानिए डॉक्टरों की राय और जरूरी सावधानियां।

Hickey Danger: लव बाइट से हो सकता है स्ट्रोक का खतरा! डॉक्टरों ने दी चेतावनी, जानें क्या है हिक्की के पीछे की सच्चाई

Love Bite or Hickey Danger: प्यार जताने का एक आम तरीका मानी जाने वाली हिक्की यानी लव बाइट अब सिर्फ एक रोमांटिक निशान नहीं रह गया है। डॉक्टरों की मानें तो यह आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। हाल ही में बेंगलुरु के न्यूरोलॉजिस्ट ने चेतावनी दी है कि हिक्की से ब्लड क्लॉट यानी खून के थक्के बनने का खतरा हो सकता है, जो आगे चलकर स्ट्रोक जैसी घातक समस्या में भी बदल सकता है।

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हिक्की क्या होती है?

हिक्की (Hickey) या लव बाइट, त्वचा पर पड़ने वाला एक गहरा लाल या बैंगनी निशान होता है, जो त्वचा पर तेज़ चूसने (suction) या हल्के काटने के कारण बनता है।
जब त्वचा की ऊपरी सतह के नीचे की ब्लड वेसल्स टूट जाती हैं, तो वहां खून जमा हो जाता है। इस खून के जमाव से जो निशान बनता है, वही हिक्की कहलाता है।

मेडिकल भाषा में हिक्की को क्या कहते हैं?

हिक्की को डॉक्टरी भाषा में कई नामों से जाना जाता है, जैसे

  • पेटीचिया (Petechiae)
  • एक्चिमोसिस (Ecchymosis)
  • हेमेटोमा (Hematoma)
  • एरिथेमा (Erythema)
  • पुरपुरा (Purpura)

हिक्की से हो सकती हैं ये 3 गंभीर समस्याएं:

1. ब्लड क्लॉटिंग (खून का थक्का बनना)
हिक्की के दौरान टूटे हुए ब्लड वेसल्स से जमा हुआ खून, ब्लड क्लॉट बनाकर नसों को बाधित कर सकता है।

2. स्ट्रोक का खतरा
डॉक्टरों के अनुसार गर्दन पर ज़्यादा दबाव पड़ने से आर्टरी डैमेज हो सकती है, जिससे स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।

3. त्वचा पर लंबे समय तक सूजन और निशान
कुछ मामलों में हिक्की के बाद सूजन, दर्द और त्वचा पर गहरे निशान लंबे समय तक बने रह सकते हैं।

डॉक्टर्स की सलाह

बेंगलुरु स्थित स्पर्श अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. नितिन कुमार एन का कहना है कि, हिक्की को आमतौर पर हल्का लिया जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में कुछ जटिल केस देखने को मिले हैं। खासकर गर्दन जैसी संवेदनशील जगह पर जोरदार प्रेशर से नसों पर असर पड़ सकता है।

विशेष ध्यान रखे

अगर कोई व्यक्ति ब्लड थिनर दवाएं ले रहा है (जैसे एस्पिरिन), तो उसे खासतौर पर सतर्क रहना चाहिए। हिक्की का निशान अगर 10-12 दिनों से ज़्यादा बना रहे या सूजन/दर्द महसूस हो तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

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