Kochi-Mangaluru Gas Pipeline: PM मोदी ने कोच्चि-मंगलुरू गैस पाइपलाइन का किया उद्घाटन, जानें किन जिलों को मिलेगा लाभ

Image Source: [email protected]डीडी न्यूज़

Urja Aatmanirbharta: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोच्चि-मंगलुरू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (Kochi Mangaluru Natural Gas Pipeline) राष्ट्र को समर्पित किया। देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, इस पाइपलाइन के निर्माण के दौरान 12 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजन हुआ है। पाइप लाइन के शुरू होने के बाद भी रोजगार और स्वरोजगार का एक नया इकोसिस्टम केरल और कर्नाटक में बहुत तेजी से विकसित होगा। 2014 तक हमारे देश में सिर्फ 25 लाख पीएनजी कनेक्शन थे। आज देश में 72 लाख से ज्यादा घरों की रसोई में पाइप लाइन से गैस पहुंच रही है। कोच्चि-मंगलुरू पाइपलाइन से 21 लाख नए लोग पीएनजी सेवा का लाभ ले पाएंगे।

PM मोदी ने गिनाए गैस पाइप लाइन के फायदे:
– ये पाइप लाइन दोनों राज्यों में लाखों लोगों के लिए ईज ऑफ लिविंग बढ़ाएगी।
– दोनों ही राज्यों के गरीब, माध्यम वर्ग और उद्यमियों के खर्च कम करेगी।
– ये पाइप लाइन शहरों में सिटी गैस डिस्ट्रब्यूशन सिस्टम का माध्यम बनेगी।
– ये अनेक शहरों में सीएनजी आधारित ट्रांस्पोर्ट सिस्टम को विकसित करने का माध्यम बनेगी।
– मंगलुरू कैमिकल और फर्टिलाइजर प्लांट को ऊर्जा देगी, कम खर्च में खाद बनाने में मदद करेगी।
– ये पाइप लाइन मैंगलोर रिफाइनरी और पेट्रो कैमिकल को ऊर्जा देगी, स्वच्छ ईंधन देगी।
– ये दोनों ही राज्यों में प्रदूषण कम करेगी।
– प्रदूषण कम करने का सीधा असर पर्यावरण पर होगा।
– पर्यावरण बेहतर होने से लोगों की सेहत अच्छी होगी।
– जब प्रदूषण कम होगा, शहरों में गैस आधारित सेवा होगी, तो टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

PMO के मुताबिक यह ‘एक देश, एक गैस ग्रिड’ (One Nation One Gas Grid) के निर्माण में महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। करीब 450 किलोमीटर लंबी इस गैस पाइपलाइन का निर्माण गेल ने किया है।

इन जिलों से गुजरेगी गैस पाइपलाइन
पीएमओ ने बताया कि इस पाइपलाइन में प्रति दिन 12 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की परिवहन क्षमता है। यह पाइपलाइन कोच्चि में तरलीकृत प्राकृति गैस टर्मिनल से मंगलुरू तक प्राकृतिक गैस ले जाएगी। यह एर्णाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों से गुजरेगी।

3000 करोड़ रुपये की लागत
परियोजना की पूरी लागत करीब 3000 करोड़ रुपये है और इसके निर्माण से 12 लाख श्रम दिवस रोजगार का सृजन हुआ। इस पाइपलाइन से पर्यावरण हितैषी और सस्ता ईंधन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के रूप में मिलेगा और परिवहन क्षेत्र को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) मिलेगी।

वायु की गुणवत्ता में भी होगा सुधार
यह पाइपलाइन जिन जिलों से गुजरेगी वहां व्यावसायिक एवं औद्योगिक इकाइयों को प्राकृतिक गैस मिलेगी। स्वच्छ ईंधन के उपभोग से वायु प्रदूषण कम होगा जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password