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Thyroid Preventive Tips: थायरॉइड की समस्या को अक्सर लोग नजरअंदाज करते हैं. बता दें कि थायरॉइड गले में स्थित एक छोटी और तितली के आकार की ग्रंथि होती है. इसका काम शरीर की गति को नियंत्रित करना होता है. थायरॉइड ग्रंथि हार्ट रेट, चयापचय, मनोदशा, एनर्जी लेवल और शरीर के तापमान को मेंटेन करती है.
जब थायरॉइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती है तो शरीर में अनेक समस्याएं शुरू हो जाती है. अगर थायरॉइड ग्लैंड कम हार्मोन बनाती है तो इसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं, इसमें व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है, वजन बढ़ता है, ठंड बहुत लगती है बाल झड़ते हैं और हर समय उदासी महसूस होती है.
क्या होता है हाइपरथायरॉइडिज्म और हाइपोथायरॉइडिज्म
वहीं, थायरॉइड ग्रंथि जब बहुत ज्यादा हार्मोन रिलीज करती है तो इसे हाइपरथायरॉइडिज्म कहते हैं. इसमें वजन कम होने लगता है, घबराहट होती है, हांथों में कंपन, पसीना आता है और दिल की धड़कनें तेज होने लगती है. अक्सर लोग थायरॉइड के लक्षणों को साधारण तनाव समझ लेते हैं और इसे नजरअंदाज कर देते हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक, थायरॉइड को इग्नोर नहीं करना चाहिए और समय रहते इसका इलाज करवाना चाहिए.
बता दें कि थायरॉइड हार्मोन हार्ट रेट, बल्ड प्रेशर और रक्त वाहिकाओं को भी नियंत्रित करता है इसलिए इसका संबंध आपकी हार्ट हेल्थ से भी होता है. डॉक्टर्स के मुताबिक, जब थायरॉइड संबंधी विकार का इलाज नहीं किया जाता तो इससे हार्ट प्रोब्लम का खतरा बढ़ जाता है.
थायरॉइड से कैसे प्रभावित होती है हार्ट हेल्थ
दरअसल, हाइपोथायरॉइडिज्म से हृदय गति धीमी हो जाती है, हृदय की शक्ति कम हो जाती है और रक्त वाहिकाओं का प्रतिरोध बढ़ जाता है. इससे व्यक्ति को coronary artery disease, हाई diastolic ब्लड प्रेशर और हार्ट फेल्योर का खतरा रहता है. इसके अलावा हाइपरथायरॉइडिज्म से शरीर को अधिक मेहनत करना पड़ता है, जिससे हार्ट की गति बढ़ जाती है, हार्ट को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है और रक्त प्रवाह भी बढ़ जाता है.
डॉक्टर्स की मानें तो थायरॉइड को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका सीधा संबंध आपकी हार्ट हेल्थ से है. थायरॉइड का इलाज ना करने से आपको हार्ट संबंधी समस्याएं जैसे सीने में दर्द या हार्ट की गति का रुकना जैसी चीजें हो सकती हैं. अगर आप समय रहते थायरॉइड का उपचार कर लें तो इससे जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसके अलावा अगर आप थायरॉइड से पीड़ित नहीं भी हैं तो समय-समय पर thyroid-stimulating hormone (TSH) जरूर करवाते रहें और थायरॉइड होने पर उसे नजरअंदाज ना करें.
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