Smoking Side Effect: बीड़ी-सिगरेट का धुआं कर सकता है बेहरा? एम्स भोपाल की रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

Bidi Cigarette Pine Ke Nuksan: बीड़ी-सिगरेट के पैकेट पर साफ-साफ लिखा होता है ‘धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’, इतना ही नहीं इसके नीचे एक तस्वीर भी होती है जो बेहद डरावनी होती है बावजूद इसके लोग इसका सेवन करना नहीं छोड़ते।

new poster 1 (52)

Bidi Cigarette Pine Ke Nuksan: बीड़ी-सिगरेट के पैकेट पर साफ-साफ लिखा होता है ‘धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’, इतना ही नहीं इसके नीचे एक तस्वीर भी होती है जो बेहद डरावनी होती है बावजूद इसके लोग इसका सेवन करना नहीं छोड़ते। लेकिन इसका असर सिर्फ फेफड़ों या कैंसर तक सीमित नहीं रहा। भोपाल में एम्स के डॉक्टरों की रिसर्च में एक डराने वाला बात सामने आई। जिसे जान आप भी चिंता में पड़ जाएंगे। 

क्या निकला रिसर्च में 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में एक नई स्टडी में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। जिसमें पाया गया कि, बीड़ी और सिगरेट का धुआं सिर्फ आपके फेफड़ों को ही नुकसान नहीं करता, बल्कि यह आपके कानों की सुनने की क्षमता और मुंह की सेहत पर भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि इस रिसर्च को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद से मान्यता मिली है। स्टडी में सामने आया कि, जो लोग स्मोकिंग करते हैं वह लोग धीरे-धीरे सुनने की क्षमता खो रहे हैं। हैरानी की बात तो यह है कि इसके बारे में उन्हें पता ही नहीं। इस स्टडी को आईसीएमआर ने मान्यता दी है। जिसमें धूम्रपान की वजह से  कान और लार ग्रंथियों पर पडने वाले असर को की पहली रिसर्च बताया गया है। 

कैसे हुई स्टडी 

यह स्टडी 100 लोगों पर हुई। जिसमें 50 नॉन-स्मोकर्स शामिल थे। इन सभी प्रतिभागियों की उम्र 18 से 55 साल के बीच रखी गई। जांच में डॉक्टरों ने लार बनने की मात्रा और सुनने की क्षमता की जांच की। इसमें सुनने की जांच ऑडियोमेट्री टेस्ट से की गई। जब केस की स्टडी की गई तो परिणाम में निकला कि नॉन-स्मोकर्स में 50 में से 45 लोगों की सुनने की क्षमता सामान्य थी, जबकि स्मोकर्स में 50 में से 20 को सुनने में परेशानी थी। यानी हर 10 में से 4 स्मोकर्स किसी न किसी स्तर की समस्या से जूझ रहे थे। 

वहीं 46 से 55 साल के स्मोकर्स में खतरा ज्यादा देखने को मिला। मौजूद निकोटिन और जहरीले रसायन कान की नसों में रक्त प्रवाह घटा देते हैं।

धुआं कैसे करता है नुकसान?

जानकारी के अनुसार, सिगरेट और बीड़ी में निकोटिन जैसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं जो कान के अंदर रक्त प्रवाह को घटा देते हैं। जिसके कारण अंदरूनी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता। जसकी वजह से सामने वाले को सुनने में दिक्कत होती है।

लार हमारे मुंह की नेचुरल सुरक्षा प्रणाली होती है। इसकी कमी होने पर दांत जल्दी खराब होते हैं, मसूड़ों में सूजन और संक्रमण का खतरा बढ़ता है, मुंह में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे वक्त तक धूम्रपान जारी रखने पर यह नुकसान स्थायी भी हो सकता है।

किन विशेषज्ञों ने की यह रिसर्च?

इस स्टडी को AIIMS भोपाल के ईएनटी, साइकियाट्री और मेडिकल विभागों से जुड़े विशेषज्ञों ने मिलकर किया। जिसमें   खुशी मेघानी, कॉरेस्पॉन्डिंग ऑथर डॉ. शैला सिडाम, डॉ. आशीष पाखरे, अनन्यान संपत, डॉ. अंजन के. साहू और डॉ. अपर्णा जी. चव्हाण शामिल रहीं।

यह भी पढ़ें:  Mahashivratri: व्यक्ति के मन में शांति और सामाजिक जीवन को अपराध मुक्त करने के लिए ज्ञान और वैराग्य के तीसरे नेत्र का खुलना जरूरी

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article