Lateral Flow Test: कोरोना टेस्ट में 90 फीसदी कारगर है एलएफटी टेस्ट, जानिए वैज्ञानिकों ने क्या कहा?

LFT TEST

नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन (यूसीएल) के अनुसंधानकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 के प्रसार संबंधी जोखिम को जांचने के लिए ब्रिटेन के स्कूलों और कार्यस्थलों पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जा रहे ‘लेटरल फ्लो टेस्ट’ (एलएफटी) पहले की जानकारी के मुकाबले अधिक सटीक हैं और इनकी सीधे इससे तुलना नहीं की जा सकती कि ‘पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन’ (पीसीआर) किस तरह काम करती है।

90 प्रतिशत है प्रभावी

‘क्लीनिकल एपिडेमियोलॉजी’ में प्रकाशित एक पत्र में वैज्ञानिकों ने उल्लेख किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के किसी भी स्तर का पता लगाने में एलएफटी के 80 प्रतिशत से अधिक सटीक होने की संभावना है तथा इसके साथ ही जांच के समय यह सर्वाधिक संक्रमित लोगों का पता लगाने में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी हो सकता है। पूर्व में किए गए कुछ अध्ययनों में दी गई जानकारी के मुकाबले सटीकता का यह स्तर काफी अधिक है।अनुसंधान रिपोर्ट लिखने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में यह परीक्षण एक विश्वसनीय जनस्वास्थ्य तरीका है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password