MP Teacher Transfer Policy: उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया से फिलहाल शिक्षकों के तबादलों पर रोक लेकिन निराश न हो टीचर्स, ये है विभाग की प्लानिंग!

MP Teacher Transfer Policy: उच्च पद प्रभार प्रक्रिया की लास्ट डेट 20 अगस्त है। ऐसे में इस तारीख से शिक्षकों के ट्रांसफर शुरु हो सकते हैं.

MP-Teacher-Transfer-Policy

MP Teacher Transfer Policy: स्कूल शिक्षा विभाग ने फिलहाल तबादलों को रोक दिया है। उच्च पद के प्रभार देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विभाग तबादलों पर विचार करेगा।

हालांकि शिक्षकों को ज्यादा मायूस होने की जरुरत नहीं है, जल्द ही इनके ट्रांसफर भी शुरु हो जाएंगे। विभाग की क्या प्लानिंग है, किस तारीख से ट्रांसफर शुरु हो सकते हैं, आइये आपको बताते हैं।

पहले समझिये शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया

शिक्षकों के ट्रांसफर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होते हैं, जब कोई शिक्षक रोक हटने के बाद अपने ट्रांसफर के लिए पोर्टल पर आवेदन करता है तो उसे स्कूलवार रिक्त पदों की जानकारी दिखाई देती है।

इसी जानकारी के आधार पर सिर्फ खाली पदों पर ही वह अपने ट्रांसफर के लिये आवेदन कर सकता है। जिस स्कूल में सभी पद पर शिक्षक नियुक्त है, वहां ट्रांसफर के लिये आवेदन किया ही नहीं जा सकता।

उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया से ये अड़चन

कोई शिक्षक प्रमोट होकर जिस पद पर ज्वाइन करेगा वह पहले से खाली होगा। उसके ज्वाइन करते से ही वह पद भर जाएगा। अभी यह प्रक्रिया चल रही है। मतलब जिस पद पर प्रमोटी शिक्षक को जाना है, वह पोर्टल पर रिक्त यानी खाली शो हो रहा है।

ऐसे में यदि शिक्षकों के ट्रांसफर शुरु हो गए और कोई शिक्षक अपना तबादला करवाकर उसी पद पर ज्वाइन हो गया जहां प्रमोटी शिक्षक को ज्वाइन करना था तो इससे बड़ी दिक्कत खड़ी हो जाएगी।

...तो प्रमोटी शिक्षकों को हो जाता ये नुकसान

विभाग यदि ट्रांसफर प्रक्रिया (MP Teacher Transfer Policy) शुरु कर देते तो प्रमोटी शिक्षकों को नुकसान होता। पहला प्रमोटी शिक्षक अपनी च्वाइस फिलिंग कर चुके हैं।

ऐसे में यदि कोई शिक्षक उस पोस्ट पर ट्रांसफर लेकर चला जाता तो प्रमोटी शिक्षक को ज्वाइनिंग के लिये दूसरे ऐसे स्कूल की तलाश करनी पड़ती जिसमें वो पोस्ट खाली हो, जिस पर उसे प्रमोट होकर ज्वाइन करना है।

प्रमोशन वर्ग 1 में हुआ तो बड़ी दिक्कत होती!

प्राथमिक यानी वर्ग 3 के शिक्षक वर्ग 2 में, माध्यमिक यानी वर्ग 2 के शिक्षक वर्ग 1 यानी उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर प्रमोट होते हैं। शिक्षा व्यवस्था में वर्ग 1 से ऊपर कोई वर्ग नहीं। इसका मतलब वर्ग 1 में जितने शिक्षक हैं वो प्रमोट होकर प्रिंसिपल, प्रिंसिपल डीईओ तो बन सकते हैं, लेकिन उनका मूल पद वर्ग 1 ही होगा।

सामान्य भाषा में कहें तो उच्च पद प्रभार प्रक्रिया से सबसे कम न के बराबर पद वर्ग 1 में खाली होते हैं। विभाग यदि शिक्षकों के ट्रांसफर शुरु का देता और वर्ग 1 के वर्तमान खाली पदों पर शिक्षक ट्रांसफर ले लेते तो प्रमोट हुए शिक्षकों के प्रमोशन पर ही संकट खड़ा हो जाता। क्योंकि पद नहीं होने पर वर्ग 1 में प्रमोट हुआ शिक्षक ज्वाइन कहां करता।

अब बताते हैं शिक्षकों के ट्रांसफर कब होंगे

वैसे भी आज 20 अगस्त को उच्च पद प्रभार वाले शिक्षकों की ज्वाइनिंग की लास्ट डेट है। यदि सरकार स्कूल शिक्षा विभाग को छोड़कर अन्य विभागों के ट्रांसफर पर लगी रोक को हटा देती है तब भी शिक्षकों को मायूस होने की जरुरत नहीं।

20 अगस्त को उच्च पद प्रभार की प्रक्रिया खत्म होने के बाद विभाग का अगला स्टेप सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से रिक्त पदों की अपडेट जानकारी ही बुलाना होगा। जैसे ही ये जानकारी आती है इसे अपडेट कर दिया जाएगा।

माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट में ही शिक्षकों के ट्रांसफर का प्रस्ताव रखा जा सकता है। जिससे जल्द से जल्द शिक्षकों के ट्रांसफर शुरु हो जाएंगे।

सबसे ज्यादा ट्रांसफर वर्ग 3 में होंगे

उच्च पद प्रभार से सबसे ज्यादा पद वर्ग 1 यानी उच्च माध्यमिक शिक्षकों के भरे जाने हैं। यानी इस प्रक्रिया के बाद सबसे कम पद वर्ग 1 में ही खाली रहेंगे। वर्ग 3 से प्रमोट होकर वर्ग 2 में शिक्षक ज्वाइन करेंगे।

हालांकि वर्ग 2 यानी माध्यमिक शिक्षक भी प्रमोट होंगे इसलिए वर्ग 2 में खाली पदों की स्थिति सामान्य रहेगी। वहीं वर्ग 3 यानी प्राथमिक शिक्षक के प्रमोट होकर वर्ग 2 में जाने से अतिरिक्त पद खाली हो जाएंगे।

वर्ग 3 में तो कोई प्रमोट होकर आने से रहा, यानी यहां वर्तमान में जितने खाली पद हैं, प्रमोशन के कारण उस संख्या में और इजाफा हो जाएगा। कहने का मतलब ये है कि वर्ग 3 में अधिक पद खाली होने से वर्ग 3 के शिक्षक ज्यादा से ज्यादा ट्रांसफर हो सकेंगे।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article