Lakhimpur Kheri Violence: 28 घंटे बाद भी हिरासत में प्रियंका गांधी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी

Lakhimpur Kheri Violence: 28 घंटे बाद भी हिरासत में प्रियंका गांधी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी Lakhimpur Kheri Violence: Priyanka Gandhi in custody even after 28 hours, resentment among Congress workers

Lakhimpur Kheri Violence: 28 घंटे बाद भी हिरासत में प्रियंका गांधी, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जाते वक्त रास्ते में सीतापुर में हिरासत में ली गईं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाद्रा 28 घंटे बाद भी पुलिस अभिरक्षा में हैं। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मंगलवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि वाद्रा समेत पांच नेताओं को हिरासत में लिए गए 28 घंटे से ज्यादा समय हो चुका है।

उन्होंने कहा,‘‘ वाद्रा को अब तक अपने वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। किसी को 24 घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस हिरासत में रखना ग़ैर क़ानूनी है, मगर प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। प्रशासन ने उन्हें हिरासत में लेने की कोई क़ानूनी वजह भी नहीं बतायी है।’’

लल्लू के मुताबिक वाद्रा ने साफ़ कहा है कि वह हिरासत से छूटते ही लखीमपुर खीरी जाकर शहीद किसानों के परिजनों से मुलाकात करेंगी। प्रियंका गाँधी के साथ पार्टी के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.वी. श्रीनिवास और विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह भी हिरासत में हैं।

लल्लू ने बताया कि द्वितीय वाहिनी पीएसी परिसर के बाहर इस वक्त बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद हैं और हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को छोड़ने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में वाद्रा की ग़ैर क़ानूनी हिरासत को लेकर बेहद आक्रोश है।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वाद्रा अन्य नेताओं के साथ मृतक किसानों के परिजन से मुलाकात के लिए सोमवार तड़के लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हुई थीं मगर रास्ते में सीतापुर में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article