Lakhimpur Kheri Violence: मंत्री पिता ने बेटे आशीष को बताया निर्दोष, यूपी पुलिस ने पेशी के लिए शनिवार तक का दिया समय

Lakhimpur Kheri Violence: मंत्री पिता ने बेटे आशीष को बताया निर्दोष, यूपी पुलिस ने पेशी के लिए शनिवार तक का दिया समय Lakhimpur Kheri Violence: Minister father told son Ashish innocent, UP Police gave time till Saturday to appear

Lakhimpur Kheri Violence: मंत्री पिता ने बेटे आशीष को बताया निर्दोष, यूपी पुलिस ने पेशी के लिए शनिवार तक का दिया समय

लखनऊ। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा 'टेनी' के पुत्र आशीष मिश्रा को पुलिस ने शुक्रवार को दूसरी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए शनिवार को सुबह 11 बजे तक पेश होने का समय दिया है। आशीष मिश्रा शुक्रवार को लखीमपुर खीरी में पुलिस के सामने पेश नहीं हुए, इसलिए आज उनके घर के बाहर दूसरी नोटिस चस्पा कर उन्हें शनिवार सुबह 11 बजे तक का समय पुलिस ने दिया है।

[caption id="attachment_82404" align="alignnone" width="541"]Lakhimpur Kheri Violence Lakhimpur Kheri Violence[/caption]

इस बीच लखनऊ में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने अपने बेटे को 'निर्दोष' बताते हुए शुक्रवार को कहा कि उनका बेटा 'अस्वस्थ' है और वह शनिवार को पुलिस के सामने पेश होगा। मिश्रा ने यहां चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'हमें कानून पर भरोसा है। मेरा बेटा निर्दोष है, उसे बृहस्पतिवार को नोटिस मिला लेकिन उसने कहा कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है।'

उन्होंने कहा, 'वह कल (शनिवार) पुलिस के सामने पेश होगा और अपने निर्दोष होने के बारे में बयान और सबूत देगा।'' यह पूछे जाने पर कि विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, उन्होंने कहा, 'विपक्ष तो कुछ भी मांगता है'। मंत्री ने कहा कि यह भाजपा सरकार है जो निष्पक्ष तरीके से काम करती है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा का नाम तीन अक्टूबर को हुई लखीमपुर हिंसा की प्राथमिकी में है, जिसमें चार किसानों और एक पत्रकार सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।

अपुष्ट सूत्रों से ऐसी खबर मिल रही है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का आरोपी बेटा आशीष नेपाल भाग गया है। इस पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार दोपहर बाद उनके घर के बाहर चस्पा नोटिस में कहा गया है, ‘‘शनिवार को प्रात: 11 बजे अपराध शाखा कार्यालय पुलिस लाइन लखीमपुर खीरी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। यदि आपके द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार विधिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।’’

इससे पहले पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर आशीष को शुक्रवार सुबह 10 बजे हाजिर होने के लिये कहा था। लेकिन शुक्रवार को पुलिस लाइन में वह नहीं पहुंचे, जहां उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया, ‘‘आशीष को पुलिस ने सुबह 10 बजे तलब किया था लेकिन वह आज नहीं पहुंचे। जबकि जांच टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपमहानिरीक्षक (मुख्यालय) उपेंद्र अग्रवाल समय पर कार्यालय पहुंच गये थे।’’

ऐसी खबरें मिल रही हैं कि मंत्री पुत्र आशीष नेपाल भाग गये हैं। मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा के नेपाल भाग जाने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर यह सच है, तो केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए और आरोपी को नेपाल से गिरफ्तार करवाना चाहिए।' मामले में दो लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस ने आशीष को लखीमपुर खीरी हिंसा के सिलसिले में पेश होने के लिए कहा था।

वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने यहां जारी एक बयान में कहा कि आशीष मिश्रा को जारी किए गए समन के बाद भी उनका कोई अता पता नहीं है, यह बहुत चिंताजनक बात है। बयान में कहा गया है कि ‘‘लखीमपुर कांड’’ में शामिल सुमित जायसवाल, अंकित दास और अन्य को गिरफ्तार करने में पुलिस ढिलाई बरत रही है। जबकि थार वाहन (जिससे किसानों को कुचलने का आरोप है) में से सुमित जायसवाल स्पष्ट रूप से वाहन से भागते हुए दिखाई दे रहे थे।

एसकेएम ने कहा कि इसी तरह एक और वीडियो क्लिप सामने आई है जिसमें एक पुलिस अधिकारी घटना में पकड़े गए एक व्यक्ति से पूछताछ कर रहा है, जो कह रहा है कि अंकित दास काफिले के फॉर्च्यूनर वाहन में था। संयुक्त किसान मोर्चा ने आशीष, सुमित और अंकित की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो लोगों में बनबीरपुर गांव के लवकुश और निघासन तहसील के आशीष पांडेय शामिल हैं।

पिछले रविवार को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। आरोप हैं कि इन किसानों को वाहन से टक्कर मारी गयी थी। किसानों ने दावा किया था कि आशीष मिश्रा काफिले के किसी वाहन में सवार थे। हालांकि, आशीष और उनके पिता अजय मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार किया था। पुलिस ने मंत्री के बेटे और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए उप महानिरीक्षक (डीआईजी) उपेंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय टीम का गठन किया है।

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