होशंगाबाद। आपने डीएनए टेस्ट के जरिए इंसानों की पहचान करने की बात तो सुनी होगी, लेकिन होशंगाबाद Labrador Dog Hoshangabad में डीएनए टेस्ट के जरिए एक डॉगी को उसके असली मालिक तक पहुंचाया गया। दरअसल इस डाग पर दो लोगों ने अपना हक जताया था । पुलिस ने डीएनए टेस्ट के जरिए इस अजीबो गरीब मामले का सुलझाया अपने असली मालिक शदाब के घर पहुंच कर कोको बहुत खुश है। कोको की घरवापसी किसी हिंदी फिल्म की कहानी जैसी है ।
चोरी कर लिया गया था
दरअसल पिछले साल नवबंर में एक लैब्रेडोर कुत्ते पर दो लोग अपना हक जताया था। शदाब खान नामक युवक ने भी दावा किया था कि ये उनका कोको हैं तो वहीं कृतिक शिवहरे इसे अपना टाइगर बताया था। ये डाग कृतिक शिवहरे के ही कब्जे में था। शदाब खान का कहना था इसे चोरी कर लिया गया था।
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पुलिस भी असमंजस में पड़ गई
नवबंर 2020 में थाने पहुंचा तो पुलिस भी असमंजस में पड़ गई। थक हार कर पुलिस ने डाग के डीएऩए सैंपल के जरिए असली मालिक की पहचान करने का फैसला किया। शदाब का दावा था की उसने पचमढ़ी से ये डाग खरिदा था। पुलिस ने पचमढ़ी के डाग से इस डागी का डीएनए सैंपल मिलान के लिए हैदराबाद भेजा। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद तय हुआ की ये डाग शदाब का कोको ही है।
कोको एक स्कूल में पिंजरे में रह रहा था
अब शदाब खान काफी खुश हैं कि उनका कोको आखिर उनको मिल गया है और वो जल्द ही अब उसको अपने घर ले जा पाएंगे। अब तक कोको एक स्कूल में पिंजरे में रह रहा था।
मुश्किल केस को साल्व किया
शायद ये पहला मौका होगा जब किसी डॉगी के मालिक की पहचना उसके डीएनए सैंपल से हुई है। कोको की किस्मत वाकई तेज थी जो पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिए और साइंटीफिक तरीेके से इस मुश्किल केस को साल्व किया।