Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क की 366 हेक्टेयर जमीन अब राजस्व भूमि घोषित, अभी तक रिजर्व फॉरेस्ट में थी दर्ज

Kuno National Park 366 Hectare Land: कूनो नेशनल पार्क की 366 हेक्टेयर जमीन को वन भूमि से हटाकर राजस्व भूमि घोषित किया गया, 93 साल पुरानी गलती सुधरी।

Kuno National Park: कूनो नेशनल पार्क की 366 हेक्टेयर जमीन अब राजस्व भूमि घोषित, अभी तक रिजर्व फॉरेस्ट में थी दर्ज

हाइलाइट्स

  • कूनो की 366 हेक्टेयर जमीन राजस्व भूमि बनी
  • 93 साल पुरानी नक्शे की गलती अब सुधरी
  • रामबाड़ी रेंज की जमीन राजस्व विभाग में दर्ज

Kuno National Park: श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क की 366 हेक्टेयर जमीन को राजस्व भूमि घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर 366 हेक्टेयर जमीन को वन भूमि से डिनोटिफाई कर दिया है। केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद यह क्षेत्र अब राजस्व भूमि के रूप में दर्ज हो गया है।

93 साल पुरानी गलती अब सुधरी

फॉरेस्ट रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 93 साल पहले नक्शा बनाते समय गलती से इस जमीन को रिजर्व फॉरेस्ट में दर्ज कर दिया गया था। हकीकत यह है कि इस क्षेत्र का उपयोग हमेशा से ही राजस्व भूमि के रूप में होता आया है। अब आधिकारिक रूप से इसे राजस्व भूमि माना जाएगा, जिससे जमीन से जुड़े कानूनी विवाद भी खत्म हो जाएंगे।

पार्क के रामबाड़ी रेंज में स्थित है जमीन

डिनोटिफाई की गई यह 366 हेक्टेयर जमीन पार्क के रामबाड़ी रेंज के फॉरेस्ट बीट-192 और 193 में स्थित है। लंबे समय से यहां की स्थिति को लेकर संशय था, जिसे सरकार ने स्पष्ट कर दिया है। अब इस जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह से राजस्व विभाग के पास होंगे।

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वन भूमि क्या होती है

वन भूमि (Forest Land) वह जमीन होती है जिसे सरकार ने जंगल या पेड़ों-पौधों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए रिजर्व किया होता है। इस जमीन का इस्तेमाल खेती, घर बनाने या किसी निजी काम के लिए नहीं किया जा सकता। इसका जिम्मा वन विभाग (Forest Department) के पास होता है।

राजस्व भूमि क्या होती है

राजस्व भूमि (Revenue Land) वह जमीन होती है जो खेती, घर, सड़क, सरकारी बिल्डिंग या दूसरी जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। इस जमीन का हिसाब-किताब राजस्व विभाग (Revenue Department) रखता है। तहसील, पटवारी और कलेक्टर इसी विभाग से जुड़े होते हैं।

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