बिना डेब्यू किए टीम इंडिया को विकेट दिलाने वाले खिलाड़ी बने केएस भरत, जानिए किस नियम के तहत कर रहे हैं विकेटकीपिंग

IND vs NZ Kanpur Test

नई दिल्ली। टीम इंडिया के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा गर्दन में चोट की वजह से शनिवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरे। ऐसे में साहा की जगह केएस भरत को विकेटकीपिंग के लिए उतारा गया। हैरानी की बात यह है कि भरत अभी इंटरनेशनल स्तर पर डेब्यू के इंतजार में हैं। BCCI ने एक बयान जारी कर रहा कि रिद्धिमान साहा की गर्दन में अकड़न है। ऐसे में मेडिकल टीम उनका इलाज कर रही है। साहा की गैरमौजूदगी में विकेटकीपिंग केएस भरत करेंगे। लेकिन अब सवाल उठता है कि आखिर बिना डेब्यू के और बिना प्लेइंग इलेवन में शामिल हुए केएस भरत किस नियम के तहत विकेटकीपिंग कर रहे हैं।

कन्कशन नियम के तहत विकेटकीपिंग कर रहे हैं भरत

बतादें कि ICC ने अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में कुछ साल पहले ही एक नियम को लागू किया है। जिसे ‘कन्कशन नियम’ कहा जाता है। इसी नियम के तहत साहा की गैरमौजूदगी में केएस भरत विकेटकीपिंग कर रहे हैं। खास बात यह है कि केएस भरत देश के लिए बिना कोई अंतराष्ट्रीय मैच खेले टीम को विकेट दिलाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। दरअसल, न्यूजीलैंड टीम की शानदार शरूआत हुई थी। उन्होंने 150 तक कोई विकेट नहीं गंवाया था। ऐसे में भारतीय गेंदबाज भी पूरी तरह से हताश नजर आ रहे थे। लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसने टीम इंडिया में जोश भर दिया। आर अश्विन टीम के लिए 67वां ओवर डाल रहे थे। पहली ही बॉल पर किवी बल्लेबाज विल यंग के बैट को छूकर गेंद सब्सिटट्यूट विकेटकीपर केएस भरत के हाथों में चली गई।

भरत के कहने पर कप्तान ने DRS लिया

भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन फील्ड अंपायर ने नॉट आउट करार दिया। हालांकि, विकेटकीपिंग कर रहे भरत को पूरा यकीन था कि बॉल और बल्ले का संपर्क हुआ है। ऐसे में उनके कहने पर ही टीम के कप्तान अंजिक्या रहाणे ने DRS लिया। थर्ड अंपायर ने टीवी में रिप्ले देखकर पाया कि बॉल और बैट में संपर्क हुआ और कैच विकेटकीपर के दस्तानों में गई है। ऐसे में थर्ड अंपायर ने विल यंग को आउट करार दिया। इस तरह से टीम इंडिया को पहली सफलता भरत के कारण मिली।

जानिए क्या है कन्कशन नियम?

दरअसल, इस नियम के तहत अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी जगह दूसरा कोई खिलाड़ी खेल सकता है। खिलाड़ी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विकेटकीपिंग भी कर सकता है। पहले सिर्फ फील्डिंग करने की छूट थी। नए नियम के तहत खेलने वाले खिलाड़ी को कन्कशन सब्सिटट्यूट भी कहा जाता है। भारतीय क्रिकेट में इस नियम की सबसे ज्यादा चर्चा साल 2020 में हुई थी। तब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे टी-20 मुकाबले में रवींद्र जडेजा के कन्कशन रिप्लेसमेंट के तौर पर युजवेंद्र चहल को टीम में शामिल किया गया था। मैच में एक तरफ जहां रवींद्र जडेजा ने बल्ले से नाबाद 44 रन बनाकर टीम को 161 रन तक पहुंचाया था, वहीं दूसरी तरफ कन्कशन रिप्लेसमेंट
के तौर आए युजवेंद्र चहल ने मैच में 25 रन देकर तीन विकेट अपने नाम किया था। नतीजा यह रहा कि भारत इस मैच को 11 रन से जीत गया।

इस नियम को लेकर चर्चा साल 2014 में ही शुरू हो गई थी

वहीं इस नियम को लेकर चर्चा साल 2014 में ही शुरू हो गई थी। जब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर फिलिप ह्यूज का निधन हो गया। ह्यूज को 2014 में शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में सिर पर बाउंसर लगी थी। इसके बाद ह्यूज को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका था। मालूम हो कि कन्कशन नियम से पहले अगर कोई बल्लेबाज या गेंदबाज चोटिल होता था तो वह मैदान से बाहर तो जा सकता था। लेकिन उसकी जगह दूसरा कोई बल्लेबाजी या गेंदबाजी नहीं कर सकता था। लेकिन अब अगर कोई बल्लेबाज चोटिल होता है तो उसकी जगह कोई बल्लेबाज टीम में आकर खेल सकता है, वहीं अगर कोई गेंदबाज चोटिल होता है तो उसकी जगह गेंदबाज टीम में खेल सकता है।

ध्यान देने योग्य बात

गेंदबाज अगर स्पीनर है तो स्पीनर गेंदबाज ही टीम में खेल सकता है। अगर गेंदबाज फास्ट बॉलर है तो फास्ट बॉलर को ही खेलना होता है। साथ ही आप 15 सदस्यीय टीम में शामिल खिलाड़ियों का ही कन्कशन नियम के तहत इस्तेमाल कर सकते हैं।

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