दिल्ली में कोविड टीकाकरण: पहले चरण में 500 से ज्यादा केंद्र बनेंगे

नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 टीकाकरण के लिये काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है और पहले चरण में यहां 500 केंद्र बनाए जाएंगे, वहीं टीकों को दो से छह डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रखने के लिये भंडारण सुविधाओं के तहत फ्रीजर के प्रबंध किये गये हैं ।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने रविवार को आपातकालीन इस्तेमाल के लिये कोविड-19 के दो टीकों को मंजूरी मिलने का स्वागत किया था और कहा था कि दिल्ली सरकार टीकाकरण के लिये पूरी तरह तैयार है और टीकों के आते ही अभियान शुरू किया जाएगा।

अधिकारियों ने कहा कि कुल 1000 टीकाकरण केंद्र स्थापित किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 500-600 केंद्र बनाए जाएंगे जिसके लिये काम पूरे जोर-शोर से चल रहा है।

भारत के औषधि नियामक ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के कोविड-19 टीके कोवीशील्ड तथा भारत बायोटेक द्वारा देश में निर्मित कोवैक्सीन को देश में सीमित आपात इस्तेमाल के लिये मंजूरी दी है।

जैन ने रविवार को कहा था, “हम भंडारण से संसाधन तक को लेकर पूरी तरह तैयार हैं और शनिवार को टीकाकरण की तैयारियों को परखने के लिये तीन केंद्रों पर पूर्वाभ्यास भी किया गया। दिल्ली में टीकों के पहुंचने के साथ ही टीकाकरण शुरू हो सकता है और हमें अगले कुछ दिनों में टीकों के आ जाने की उम्मीद है।”

पहले चरण के तहत करीब तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों और करीब छह लाख अग्रिम मोर्चे के कर्मियों को टीका लगाया जाएगा।

आप सरकार ने घोषणा की है कि दिल्ली में लोगों को टीका मुफ्त लगाया जाएगा।

दिल्ली में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में नजर आ रही है हालांकि ब्रिटेन से यहां आए कुछ लोगों में कोरोना वायरस का नया स्वरूप पाया गया है और इससे थोड़ी चिंताएं बढ़ी हैं लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वो पूरी तरह सजग हैं।

दिल्ली में कोविड-19 के 424 नए मामले सामने आए जो सात महीनों में सबसे कम हैं जबकि रविवार को 14 मरीजों की महामारी से मौत हुई थी।

जैन ने कहा था कि दिल्ली में रोजाना एक लाख लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था होगी और इस दौरान सामाजिक दूरी का पालन करते हुए केंद्र में एक बार में 10 लोगों को ही भेजा जाएगा।

टीकाकरण केंद्र या तो अस्पताल होंगे या फिर अस्पतालों से संबद्ध सुविधाएं। केंद्रों में आपातकालीन कक्ष बनाए जाएंगे और टीका लगवाने के बाद लोगों को आधे घंटे तक वहां निगरानी में रखा जाएगा ताकि यह पता चल सके कि इसका कोई विपरीत प्रभाव तो नहीं हो रहा।

राजीव गांधी सुपर स्पेशियेलिटी हॉस्पीटल (आरजीएसएसएच) में भंडारण सुविधा की तैयारियों पर सूत्रों ने कहा कि 90 फ्रीजर पहुंच चुके हैं और उनसे से आधे लगा भी दिये गए हैं तथा शीत श्रृंखला उपकरण भी स्थापित किये गए हैं।

एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “आरजीएसएसएच में बनायी जा रही सुविधा में टीकों को 2-6 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जा सकता है…लेकिन फिलहाल, हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि टीका यहां कब भेजा जाएगा।”

आरजीएसएसएच को हाल में आंशिक कोविड-19 केंद्र बनाया गया था और इसमें 650 बिस्तर हैं।

सूत्रों ने कहा कि भंडारण के लिये दो शीत श्रृंखला उपकरण होंगे। अस्पताल परिसर में करीब 4700 वर्गफुट की जगह का इस्तेमाल भंडारण क्षमता के लिये होगा।

उन्होंने कहा, “दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन के अधिकारी दैनिक आधार पर भंडारण सुविधा स्थापित किये जाने की निगरानी कर रहे हैं।”

भाषा

प्रशांत उमा

उमा

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