जानना जरूरी है: कौन हैं रिटायर्ड जज इंदु मल्होत्रा, जो करेंगी पीएम मोदी के सुरक्षा चूक मामले की जांच?

जानना जरूरी है: कौन हैं रिटायर्ड जज इंदु मल्होत्रा, जो करेंगी पीएम मोदी के सुरक्षा चूक मामले की जांच? Know who is retired judge Indu Malhotra, who will investigate PM Modi's security lapse case nkp

जानना जरूरी है: कौन हैं रिटायर्ड जज इंदु मल्होत्रा, जो करेंगी पीएम मोदी के सुरक्षा चूक मामले की जांच?

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक (Narendra Modi security lapse) के मामले में दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में होगी। वहीं अब खबर है कि इस समिति की अध्यक्षता SC की रिटायर जज इंदु मल्होत्रा (Indu Malhotra) करेंगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि पीएम की सुरक्षा में चूक का मामला बेहद ही गंभीर है। कोर्ट ने जांच कमेटी से कम से कम समय में रिपोर्ट जमा करने को कहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं रिटायर्ड जज इंदु मल्होत्रा?

कौन हैं जस्टिस इंदु मल्होत्रा

जस्टिस इंदु मल्होत्रा पिछले साल मार्च में ही रिटायर हुई हैं। वह पहली ऐसी महिला अधिवक्ता थीं जो वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनीं थी। मल्होत्रा 27 अप्रैल, 2018 को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनी थीं। करीब 3 साल की सेवा के बाद वह 21 मार्च 2021 को रिटायर हो गईं थी। गौरतलब है कि उनके पिता ओमप्रकाश मल्होत्रा भी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील थे।

चर्चित फैसला

जज रहते हुए जस्टिस इंदु मल्होत्रा कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसला सुना चुकी हैं। इनमें केरल के सबरीमाला पर दिया गया फैसला सबसे चर्चित रहा है। इस केस में इंदु मल्होत्रा ने चार पुरूष न्यायाधीशों से अपनी अलग राय जाहिर की थी। गौरतलब है कि इस मामले में चारों पुरूष न्यायाधीशों ने महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश देने की बात कही थी, जबकि इंदु मल्होत्रा ने इसके खिलाफ अपनी राय दी थी।

व्यस्कों के समलैंगिक संबंध को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था

समबरीमाला के अलावा वह समलैंगिग यौन संबंध मामले में भी फैसला सुनाने वाली पीठ का हिस्सा थीं। तब सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से दो वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया था। मल्होत्रा इसके अलावा व्यभिचार को अपराध की श्रेणी में रखने वाली आईपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक ठहराने और उसे समाप्त करने वाली संविधान पीठ का भी हिस्सा रह चुकी हैं।

30 वर्ष तक सुप्रीम कोर्ट में कर चुकी हैं प्रैक्टिस

इंदु महल्होत्रा जज बनने से पहले 30 वर्षों तक सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस की हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लॉ से 1983 में LLB की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उन्होने 1988 में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड की परीक्षा पास की। इस परीक्षा में वह गोल्ड मेडलिस्ट रहीं थी। साल 2007 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का सीनियर एडवोकेट नामित किया गया था।

कमेटी के अन्य सदस्य

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि रिटायर जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अध्यक्षता में एक जूडिशल कमिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की पंजाब यात्रा के दौरान हुई कथित सुरक्षा चूक की जांच करेगी। कमिटी के अन्य सदस्यों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक, पंजाब के सुरक्षा महानिदेशक और पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल होंगे।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article