Farmers Day: सीएम शिवराज ने किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को किया नमन, जानिए क्यों मनाया जाता है किसान दिवस

Kisan Diwas 2020: कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन के बीच आज देशभर में किसान दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री और किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती (Chaudhary Charan Singh Birth Anniversary) को राष्ट्रीय किसान दिवस के रुप में मनाया जाता है। आज किसान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह को नमन किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, चौधरी चरण सिंह जीवनभर गांवों और किसानों के विकास के प्रति समर्पित रहे, जिसके लिए सदैव उनका स्मरण किया जाएगा।

सीएम शिवराज सिह ने ट्वीट कर कहा, किसानों के मसीहा, गरीबों, असहायों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए जीवन पर्यंत संघर्ष करने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की जयंती पर नमन।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर लिखा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री एवं देश के सबसे सम्मानित किसान नेताओं में अग्रणी, चौधरी चरण सिंह जी को उनकी जयंती के अवसर पर मैं नमन करता हूं। चौधरी साहब आजीवन किसानों की समस्याओं को आवाज़ देते रहे और उनके कल्याण के लिए काम करते रहे। देश उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।’

आंदोलन कर रहे किसानों से रक्षा मंत्री की अपील
राजनाथ सिंह ने आंदोलन कर रहे किसानों को लेकर कहा, ‘आज किसान दिवस के अवसर मैं देश के सभी अन्नदाताओं का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने देश को खाद्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। कृषि कानूनों को लेकर कुछ किसान आंदोलनरत हैं। सरकार उनसे पूरी संवेदनशीलता के साथ बात कर रही है। मैं आशा करता हूं कि वे जल्द ही अपने आंदोलन को वापस लेगें।’

भारत के 5वें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर किसान दिवस मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर, 1902 को हुआ था। चौधरी चरण सिंह ने 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक देश की सेवा की। उन्होंने किसानों के जीवन में सुधार लाने के लिए कई योजनाएं पेश कीं और किसानों पर पुस्तकें भी लिखीं। इसी वजह से सरकार ने 2001 में चरण सिंह के जन्मदिन पर किसान दिवस मनाने का फैसला लिया। चौधरी चरण सिंह ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के प्रसिद्ध नारे- ‘जय जवान, जय किसान’ का अनुसरण किया था।

चौधरी चरण सिंह की बदौलत 1 जुलाई 1952 में यूपी में जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और गरीबों को अधिकार मिला। किसानों के हित में उन्होंने 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून पारित कराया।

3 अप्रैल 1967 को वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। 17 अप्रैल 1968 को उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। मध्यावधि चुनाव में उन्होंने अच्छी सफलता मिली और दोबारा 17 फरवरी 1970 के वे मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद वो केन्द्र सरकार में गृहमंत्री बने तब उन्होंने मंडल और अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना की। 1979 में वित्त मंत्री और उप-प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना की। 28 जुलाई 1979 को चौधरी चरण सिंह देश के प्रधानमंत्री बने।

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