साहब मुझे मेरी बीबी वापस दिला दो... प्रशासन ने कर दी टीम गठित

साहब मुझे मेरी बीबी वापस दिला दो... प्रशासन ने कर दी टीम गठित khandwa news Public hearing a young man who arrived with a two year old innocent son pleaded vkj

साहब मुझे मेरी बीबी वापस दिला दो... प्रशासन ने कर दी टीम गठित

खंडवा : खंडवा के कलेक्ट्रेट में एक अजीब फरियाद आई है। एक पति ने गुहार लगाई है... मुझे मेरी पत्नी वापस दिलाई जाए.. मेरे बेटे को उसकी मां का प्यार दिलाया जाए.. यह गुहार सुनकर अफसर भी सकते में आ गए और इसके बाद जब युवक ने कहा कि मेरी पत्नी को ससुराल वालों ने जबरदस्ती रोक रखा है और समाज की पंचायत में फर्जी तरीके से हमारा तलाक करा दिया है और अब कानूनन तलाक के लिए दबाव बनाकर रुपयों की मांग कर रहे हैं। जबकि मैं चाहता हूं कि मेरी पत्नी लौट आए। यह सुनकर अफसर इस पूरे मामले में जांच की बात कह रहे हैं।

पंचायत में फर्जी तलाक!

दरअसल, हरदा जिले के जिनवानिया गांव के रहने वाला रितेश कुशवाहा खंडवा के कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था। रितेश ने यहां बताया कि 2018 में मेरी शादी खंडवा जिले के ग्राम पिपलुद की रूपाली से हुई थी। सबकुछ अच्छा चल रहा था। परिवार खुश था। लेकिन, 2 साल पहले रक्षाबंधन पर रुपाली जब मायके गई तो वहां से लौटी नहीं। जब हम लेने गए तो मेरे ससुर ने मिलने नहीं दिया। फिर मुझे 8 माह का मेरा बेटा दे दिया और कहा कि कानूनन तलाक ले लो। मैंने मना किया तो गांव की पंचायत के पदाधिकारियों और सदस्यों के माध्यम से दबाव बनाया गया। अब मेरा बेटा 2 साल का हो गया है। लेकिन, मां के प्यार से वंचित है। इस बीच समाज की पंचायत बैठी और तलाक के कागजात बनाकर मुझसे जबरन हस्ताक्षर करने को कहा गया। मेरे सामने ही समाज के प्रति मेरी पत्नी के जाली हस्ताक्षर भी कर दिए। रितेश ने कहा कि इस गांव में इस तरह के मामले पहले भी हो चुके हैं।

प्रशासन ने की टीम गठित

रितेश और उसके परिवार की फरियाद सुनने के बाद अफसर इस मामले में संजीदा हुए हैं और इस पूरे मामले की पड़ताल की बात कह रहे हैं। साथ ही मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम जांच करेगी और हकीकत सामने लाएगी। लेकिन पारिवारिक कशमकश और आरोप-प्रत्यारोप के बीच एक बच्चे को उसकी मां का प्यार नहीं मिल पा रहा है। मां की गोद को तरस रहा है यह बच्चा अब कभी पिता, कभी दादी तो कभी बुआ की गोद बदलने को मजबूर है।

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