खंडवा कांग्रेस की कार्यकारिणी भंग: शहरी ग्रामीण जिला अध्यक्ष समेत पूरी कार्यकरणी को हटाया, बीजेपी ने कसा तंज

Khandwa Congress Karyakarini dissolved: खंडवा में कांग्रेस कार्यकारणी भंग, शहरी ग्रामीण दोनों जिला अध्यक्षों को हटाया।

खंडवा कांग्रेस की कार्यकारिणी भंग: शहरी ग्रामीण जिला अध्यक्ष समेत पूरी कार्यकरणी को हटाया, बीजेपी ने कसा तंज

Khandwa Congress Karyakarini Suspend: कांग्रेस हाईकमान ने खंडवा जिला कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया है, जिसमें शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्षों को भी पद से हटा दिया गया है। पूरी जिला कार्यकारिणी को समाप्त कर दिया गया, जिससे जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। खंडवा, जो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का क्षेत्र है, इस फैसले के बाद चर्चा में आ गया। वहीं, बीजेपी ने इस निर्णय पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए तंज कसा। बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कांग्रेस में गुटबाजी को "कैंसर" करार दिया।

जिला कांग्रेस कार्यालय ट्रस्ट से जुड़ा है विवाद  

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इंडियन नेशनल कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को खंडवा की शहर और ग्रामीण कांग्रेस कमेटियों को भंग कर दिया। इस संबंध में प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्रसिंह ने आदेश जारी किया, जिसके तहत शहर और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्षों को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई गांधी भवन (जिला कांग्रेस कार्यालय) ट्रस्ट से जुड़े विवाद के चलते हुई है। ट्रस्ट की जमीन का एक हिस्सा भाजपा से जुड़े एक व्यापारी को बेचे जाने से यह मामला तूल पकड़ गया था।

पीसीसी चीफ तक पहुंचा था मामला

खंडवा जिला कांग्रेस कमेटी को भंग करने के फैसले के बाद ग्रामीण अध्यक्ष अजय ओझा के खिलाफ कई नेता मुखर हो गए हैं, खासकर वे जो पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव के विरोधी माने जाते हैं, क्योंकि ओझा यादव गुट से जुड़े हैं। संगठन में प्रभावशाली माने जाने वाले ओझा ने हाल ही में शहर अध्यक्ष डॉ. मुनीश मिश्रा को गांधी भवन ट्रस्ट के ट्रस्टी पद से हटवा दिया था, जिससे विवाद और बढ़ गया। महू रैली के दौरान खंडवा पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के समक्ष भी यह मुद्दा उठा था।

पार्टी का निर्णय सर्वोपरि

ग्रामीण अध्यक्ष पद से हटाए गए अजय ओझा ने कहा कि वे पार्टी के फैसले का सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह अध्यक्ष बनने पर खुशी हुई थी, उसी तरह इस निर्णय को भी स्वीकार करते हैं। पार्टी ने हमेशा उन्हें सम्मान दिया है, और वे पूरे मामले को पार्टी फोरम के सामने प्रस्तुत करेंगे।

हम तो डूबेंगे सनम तुमको भी ले डूबेंगे

वहीं, शहर अध्यक्ष पद से हटाए गए डॉ. मुनीश मिश्रा ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें बीच का रास्ता निकालते हुए पद से हटा दिया गया, जबकि वे इस पूरे प्रकरण में शामिल ही नहीं थे। मिश्रा का कहना है कि जिसने नियम विरुद्ध कार्य किया, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन पार्टी ने दोनों पक्षों को संतुष्ट रखने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "हम तो डूबेंगे सनम, तुमको भी ले डूबेंगे।"

बीजेपी ने कसा तंज

https://twitter.com/NarendraSaluja/status/1884629627563352167

भाजपा नेता नरेंद्र सलूजा ने कांग्रेस की इस कार्रवाई पर कटाक्ष करते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि कांग्रेस में गुटबाजी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के क्षेत्र में जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस की शहर और जिला इकाइयों को भंग कर दिया गया।

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