Khajrana Ganesh Mandir: पुजारी को सपने में दिखे थे भगवान, खुदाई के बाद कराया गया था मंदिर निर्माण

Khajrana Ganesh Mandir: पुजारी को सपने में दिखे थे भगवान, खुदाई के बाद कराया गया था मंदिर Khajrana Ganesh Mandir: The priest was seen in the dream by God, the temple was built after excavation

Khajrana Ganesh Mandir: पुजारी को सपने में दिखे थे भगवान, खुदाई के बाद कराया गया था मंदिर निर्माण

image source-DISTRICT INDORE

भोपाल। इंदौर का खजराना गणेश मंदिर। इसे कौन नहीं जानता। यहां देश विदेश से भक्त माथा टेकने आते हैं। साथ ही यहां आने वाले श्रद्धालु दिल खोलकर दान भी करते हैं। आज कल ये मंदिर काफी सुर्खियों में है। दरअसल, सरकार ने मंदिर के दानपेटी को खोलने का फैसला किया था। जिसके बाद तीन दिनों से लगातार धन की गिनती जारी है। अब तक इन पेटियों में से 66 लाख रूपए से अधिक का दान इक्ठ्ठा किया जा चुका है। ऐसे में इस मंदिर की क्या कहानी है ये जानना जरूरी हो जाता है।

ऐसे हुआ था मंदिर का निर्माण
बतादें कि इंदौर और इसके आस-पास के जिलों में खजराना मंदिर को लेकर लोगों में बहुत विश्वास है। लोगों का मानना है कि यहां भक्त जो भी मान्यता मांगते हैं उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। कहा जाता है कि खजराना गणेश मंदिर के निर्माण के लिए स्थानीय पंडित मंगल भट्ट को स्वप्न आया था। जिसके बाद रानी अहिल्या बाई होलकर ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। भट्ट ने रानी को बताया था कि मैनें सपने में देखा है कि भगवान गणेश की मुर्ती इस जगह पर जमीन के अंदर में है। जिसके बाद रानी ने भट्ट की बातों को गंभीरता से लेते हुए खुदाई करवाई। भट्ट ने जैसा-जैसा बताया था ठीक वैसा ही हुआ। जमीन के नीचे से भगवान गणेश की मुर्ती निकली। जिसके बाद 1735 में मंदिर का निर्माण करवाया गया।

इस मंदिर का मुख्य त्योहार विनायक चर्तुर्थी है
मंदिर में ज्यादातर लोग बुधवार और रविवार को दर्शन के लिए पहुंचते हैं। वहीं इस मंदिर का मुख्य त्योहार विनायक चर्तुर्थी है। इस दिन यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस पर्व को अगस्त और सितंबर के महीने में भव्य तरीके से आयोजित किया जाता है। श्रद्धालु जब भी यहां पहुंचते हैं, मान्यताओं के अनुसार मंदिर की तीन परिक्रमा लगाते हैं और इस दौरान वे मंदिर की दीवार पर धागा बांधते हैं।

भट्ट परिवार द्वारा किया जाता है मंदिर का देखभाल
इस मंदिर का प्रबंधन भट्ट परिवार द्वारा किया जाता है। लेकिन मंदिर को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया है। पिछले कुछ सालों में मंदिर का विकास काफी तेजी से हुआ है। एक छोटी सी झोपड़ी से लेकर एक विशाल मंदिर और फिर शहर के सबसे प्रतिष्ठित में यह विकसित हुआ। खजराना गणेश मंदिर परिसर में कुल 33 छोटे-बड़े मंदिर हैं। यहां भगवान राम, शिव, मां दुर्गा, साईं बाबा, बजरंगबली समेत कई अनेक देवी-देवताओं के मंदिर हैं।

टीम इंडिया इंदौर में खेलने से पहले यहां करती है दर्शन
श्रद्धालु मंदिर में खुब दान पुण्य करते हैं। मंदिर में सोना, हीरा और अन्य बहुमूल्य रत्नों का नियमित दान किया जाता है। यही कारण है कि मंदिर के गर्भगृह की बाहरी दीवरों को चांदी से बनाया गया है। वहीं भगवान की आंखे हीरे से बनी है। वहीं टीम इंडिया जब भी इंदौर खेलने आती है। खिलाड़ी खजराना गणेश मंदिर में दर्शन करने जरूर जाते हैं।

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