केरल, कर्नाटक ने कोच्चि-मंगलुरु गैस परियोजना को सराहा, केंद्र ने सहयोगात्मक संघवाद की मिसाल बताई

कोच्चि/बेंगलुरु, पांच जनवरी (भाषा) केरल और कर्नाटक ने मंगलवार को कोच्चि-मंगलुरु प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना के पूर्ण होने की सराहना की और इसके उद्धाटन को ‘ऐतिहासिक’ बताया वहीं केंद्र सरकार ने तीन हजार करोड़ रुपये की ‘भविष्यवादी परियोजना’ को सहयोगात्मक संघवाद की एक अच्छी मिसाल बताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि और मंगलुरु के बीच 450 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का उद्घाटन एक ऑनलाइन कार्यक्रम में किया। इस कार्यक्रम में केरल और कर्नाटक के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा अन्य ने हिस्सा लिया।

पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने इस ‘भविष्यवादी परियोजना’ को पूरा करने में सहयोग देने के लिए केरल, कर्नाटक के लोगों तथा मुख्यंत्रियों पी विजयन (केरल) एवं बीएस येदियुरप्पा (कर्नाटक) का आभार जताया।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘सहयोगात्मक संघवाद का इससे बेहतर कोई और उदाहरण नहीं हो सकता है।’

केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि गेल की परियोजना को पूरा कराना उनकी सरकार का एक प्रमुख चुनावी वादा था। जब प्रधानमंत्री ने इसका उद्धाटन किया तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इसे ऐतिहासिक’ दिन बताया।

अपने संबोधन में विजयन ने कहा कि परियोजना की सफलता दक्षिणी राज्य में व्यापार के तरीके में ‘परिवर्तन की अभिव्यक्ति’ है।

विजयन ने डिजिटल उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि सितंबर 2014 में गेल को कई बाधाओं के कारण परियोजना रोकनी पड़ गई थी। 2016 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने लोगों की वास्तविक चिंताओं का अति सक्रियता के साथ निदान करके बाधाओं को दूर किया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘गेल के अधिकारी भी परियोजना को साकार करने में हमारे साथ खड़े रहे। मुझे बेहद खुशी है कि हमारा संयुक्त प्रयास सार्थक हुआ।’

कार्यक्रम के बाद विजयन ने एक ट्वीट में कहा, ‘एक और वादा पूरा किया। सरकार कोच्चि-मंगलुरु गेल पाइपलाइन को साकार करने में सक्षम हुई।’

विजयन ने कहा कि 450 किलोमीटर लंबी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में से 414 किलोमीटर केरल में है और परियोजना को अदालती मामलों जैसी कई बाधाओं को दूर करके पूरा किया जा सका।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ घनी आबादी वाले इलाकों, पर्वतों और जलाशयों में पाइपलाइन बिछाना चुनौतीपूर्ण काम था।’

उन्होंने कहा कि परियोजना राज्य के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में अहम सुधार करने में मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि परियोजना के कुट्टानद-वालयार हिस्से पर भी जल्द काम पूरा हो जाएगा जिससे तमिलनाडु के कोयंबटूर में उद्योगों को गैस की आपूर्ति हो सकेगी।

येदियुरप्पा ने कहा कि यह परियोजना वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों आदि के साथ-साथ खाना पकाने के उद्देश्य से लगभग चार लाख घरों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगी।

उन्होंने कहा कि इससे कर्नाटक के उडुपी और दक्षिण कन्नड़ जिलों के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों को लाभ होगा।

राज्य और देश के लिए इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ बताते हुए, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने 2030 तक प्राकृतिक गैस के उपयोग को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी।

येदियुरप्पा ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि कई चुनौतियों के बावजूद परियोजना सफलतापूर्वक पूरी हुई।’

उन्होंने कहा कि यह परियोजना औद्योगिक क्षेत्रों और ‘एसईजेड’ में बिजली संयंत्रों और उर्वरक संयंत्रों की पर्यावरण अनुकूल ईंधन की जरूरतों को भी पूरा करेगी।

भाषा नोमान अविनाश

अविनाश

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