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कोच्चि। केरल में ‘मानव बलि’ के तीन आरोपियों को बुधवार सुबह यहां अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया आरोपियों--भागवल सिंह, उसकी पत्नी लैला और मोहम्मद शफी को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था। और उन्हें आज अदालत में पेश किया गया। मानव बलि के संदिग्ध मामले में सिंह और लैला के जीवन में आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर महिलाओं की बलि दी गयी थी। पुलिस का कहना है कि हत्यारों ने एक महिला को 56 टुकड़ों में काट कर खा लिया। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद आरोपियों ने महिला के शव के मांस को खा लिया गया।
पुलिस ने अदालत से विस्तृत पूछताछ के लिए आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है । मीडिया की खबरों के अनुसार, आरोपियों की ओर से अदालत में अधिवक्ता बी. ए. अलूर पेश हुए जिन्हें कई सनसनीखेज मामलों में आरोपियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाना जाता है। अलूर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमें समझना होगा कि सच्चाई क्या है... मैंने आरोपियों से जुड़े कुछ व्यक्तियों के साथ चर्चा के बाद यह मामला अपने हाथ में लिया है। वैसे तो शुरू में मुझसे बस दंपत्ति के वास्ते पैरवी के लिए संपर्क किया गया था लेकिन बाद में मुझसे तीसरे व्यक्ति (आरोपी) के लिए पेश होने के लिए भी कहा गया । इसलिए मैं सभी तीनों की पैरवी करूंगा।’’ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी आर. निशानथिनी ने मंगलवार रात कहा था कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि अपराध आर्थिक तंगी दूर करने और समृद्धि प्राप्त करने के लिए किया गया।
आरोपियों के हवाले से अधकिारी ने कहा कि मोहम्मद शफी ने फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से इस दंपत्ति से संपर्क किया था तथा वह ही इन बेसहारा महिलाओं को लालच देकर सिंह के घर पर लाया था। उनके अनुसार संदेह है कि इन दो बेसहारा महिलाओं की कथित रूप से ‘बलि’ दे दी गयी जो लॉटरी टिकट बेचकर अपना गुजर बसर करती थीं। पुलिस के अनुसार पथनमथिट्टा के एलानथूर में दंपित के घर में खुदाई करने पर इन महिलाओं के शव के टुकड़े मिले थे। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं इस साल क्रमश: सितंबर और जून से लापता थीं। उनकी तलाश में जुटी पुलिस को तफ्तीश के दौरान घटना के कथित तौर पर मानव बलि से जुड़े होने की जानकारी मिली थी ।
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