Karva Chouth 2021 : जानिए क्या हैं मांग में सिंदूर लगाने का धार्मिक और वैज्ञानिक आधार

karva chouth per sindoor

नई दिल्ली। मांग में लगाय गया Karva Chouth 2021  सिंदूर सुहागन स्त्रियों की पहचान माना जाता है। करवा चौथ नजदीक है। ऐसे में हम आपको बताते है। कि सिंदूर लगाने का सही तरीका क्या है। इसके पीछे जैसे धार्मिक कारण है वैसे ही वैज्ञानिक कारक भी उतना ही महत्व रखता है। आइए जानते हैं कैसे।

सिंदूर लगाने का धार्मिक महत्व

रामायण काल में एक बार माता सीता की मांग में सिंदूर भरा देखकर हनुमान जी उनसे पूछा कि आप ये सिंदूर अपनी मांग में क्यों भरे हैं। तो माता सीता ने जवाब दिया कि इसे लगाने से प्रभु श्रीराम की आयु बढ़ती है। चूंकि हनुमान जी तो भगवान श्री राम के परम भक्त थे। तो उन्होंने सोचा कि अगर मैं इसे पूरे शरीर पर लगा लूंगा तो प्रभु की आयु और अधिक बढ़ जाएगी और भगवान हनुमान भरी सभा में अपने पूरी शरीर पर सिंदूर लगाकर उपस्थित हो गए थे।

आप भी जान लें क्या है वैज्ञानिक दृष्टिकोण
धर्म शास्त्रों के अनुसार मांग के बीचोंबीच जहां सिंदूर लगाया जाता है उसे अध्यात्म में ‘ब्रह्मरंध्र’ कहते हैं। इसे एक ग्रंथि के रूप में जाना जाता है। साइंस या वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें तो महिलाओं का ये स्थान बहुत नाजुक माना जाता है। इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। चूंकि सिंदूर में पारा होता है। ​इसे लगाने से उस स्थान में शीतलता आती है। एक वैज्ञानिक तर्क यह भी दिया जाता है कि महिलाओं की शादी के बाद जीवन में कई मानसिक बदलावा भी आते हैं जिनके बाद उनमें तनाव बढ़ जाता है। ऐसे में मांग में भरा गया ये सिंदूर तनाव को कम करने में सहायक होता है। इसमें पाया जाने वाला पारा दिमाग को शांत रखता है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password