कनार्टक को मिली कोविड के टीके की पहली खेप

बेंगलुरु, 12 जनवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार ने बताया कि कोविड-19 टीके की 6.47 लाख खुराक की पहली खेप उसे मंगलवार को प्राप्त हो गई है और वह पारदर्शी तरीके से टीकाकरण अभियान चलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कोविशील्ड टीके को लेकर विमान केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंच चुका है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर के कार्यालय ने, पहले जारी बयान में सुधार करते हुए, बताया कि टीके की 6,47,500 खुराक बेंगलुरु पहुंच गई हैं और अगली खेप कल सुबह पहुंचेगी।

इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में सुधाकर ने बताया था कि पहली खेप में कोविशील्ड की 7.95 लाख खुराक आ रही हैं।

टीके की खेप को एक वातानुकूलित ट्रक से राज्य के टीका भंडारगृह तक पहुंचाया गया।

सुधाकर ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा से प्राप्त निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार पारदर्शी तरीके से टीकाकरण, टीके का भंडारण और अन्य कार्य करेगी।’’

कोविड-19 टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू हो रहा है और राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पहले चरण में प्रदेश के 235 स्थानों पर करीब 16 लाख कोरोना योद्धाओं को सबसे पहले टीका लगेगा।

सुधाकर ने रेखांकित किया कि भारत के औषधि महानियंत्रक ने कोविशील्ड को अनुमति दे दी है और केन्द्र ने इसकी 1.1 करोड़ खुराक खरीदी हैं। उन्होंने दावा किया कि दुनिया में अन्य किसी भी देश ने कोविड-19 टीके का मूल्य इतना कम तय नहीं किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट से यह टीका 210 रुपये प्रति खुराक (जीएसटी सहित) खरीदा गया है। कुल कीमत 231 करोड़ रुपये है।

पहले चरण में केन्द्र सरकार करीब तीन करोड़ लोगों को नि:शुल्क टीका लगाएगी।

सुधाकर ने कहा कि टीके की प्रत्येक शीशी में 5 मिलीलीटर दवा है और टीके की हर खुराक 0.5 मिलीलीटर है, ऐसे में एक शीशी से 10 लोगों को टीका लग सकता है।

उन्होंने बताया, ‘‘पहला टीका लगने के 28 दिन बाद दूसरा टीका लगेगा। यह टीका रोग प्रतिरोधक क्षमता पैदा करेगा। टीका पूरी तरह सुरक्षित है और किसी को चिंता करने या डरने की जरुरत नहीं है।’’

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘‘अगर कोई दुष्प्रभाव होता है तो उसका गहन विश्लेषण किया जाएगा… टीका लगवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जाएगा। टीका लगवाने के बाद व्यक्ति को निगरानी कक्ष में रहना होगा। कोई दुष्प्रभाव होने पर तुरंत इलाज किया जाएगा।’’

भाषा अर्पणा मनीषा

मनीषा

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