कानपुर परिवहन अधिकारी पर रिश्वतखोरी का आरोप: ट्रक छुड़ाने के लिए 1 लाख मांगे, असिस्टेंट कमिश्नर के खिलाफ FIR

Kanpur Transport Officer Bribery Case: कानपुर में परिवहन विभाग के अधिकारियों पर ट्रक छुड़ाने के लिए 1.5 लाख रुपये की मांग और इनकार करने पर 1 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला है। अब पुलिस जांच के दायरे में है।

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हाइलाइट्स

  • ट्रक छुड़ाने के लिए मांगी 1.5 लाख की रिश्वत
  • असिस्टेंट कमिश्नर समेत चार पर FIR दर्ज
  • ट्रांसपोर्टर ने NCSC में दी शिकायत, जांच जारी

रिपोर्ट - अनुराग श्रीवास्तव 

Kanpur Transport Officer Bribery Case:  कानपुर परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। कानपुर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कानपुर-मिर्ज़ापुर रोड लाइन्स के संचालक वैभव सिंह राठौर ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर अवैध ओवरलोडिंग रोकने के नाम पर 1.5 लाख रुपये रिश्वत मांगने और इनकार करने पर 1 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

जबरन माल उतरवाने का आरोप

ट्रांसपोर्टर ने कानपुर-सेल्सटैक्स के असिस्टेंट कमिश्नर, मुख्य प्रबंधक राजेश मिश्रा, परिवहन अधिकारी तथा योगेंद्र कुमार पर धमकाने, प्रताड़ित करने और जबरन माल उतरवाने का आरोप लगाया है। यहग शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) में दर्ज कराई है। उन्होंने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत कार्रवाई की मांग की है। प्रमुख सचिव एम. देवराज से शिकायत के बाद कानपुर-सेल्सटैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। कल्याणपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

1 लाख लिखकर मांगी रिश्वत  

ये घटना 29 अक्टूबर 2025 की है जब मिर्ज़ापुर में अधिकारी O3ARO ने वैभव राठौर का एक ट्रक रोका। ट्रक में कूलर और रेफ्रिजरेटर लोड था। अवैध लोडिंग के आरोप में 1.5 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। ट्रक छिवली नदी के पास से छह दिन पहले जब्त किया गया था। अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कैलकुलेटर पर 1,00,000 लिखकर ट्रक छुड़ाने की राशि बताई।

'मैं कानून और नियमों से ऊपर हूं'

1 नवंबर 2025 को रिश्वत न देने पर वैभव को धमकी दी गई। 2 नवंबर की शाम मुख्य प्रबंधक राजेश मिश्रा के निर्देश पर योगेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने ट्रक से पूरा माल उतरवा दिया, जिससे एक लाख रुपये का नुकसान हुआ। एक अधिकारी ने कहा, “मैं कानून और नियमों से ऊपर हूं, इतना नुकसान कर सकता हूं।”

ऐसे हुआ मुकदमा दर्ज  

3 नवंबर को वैभव ने NCSC में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि राजेश मिश्रा सहित अधिकारी उन्हें SC/ST Act में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। 4 नवंबर को शाहनवाज के माध्यम से ऑनलाइन FIR कराई गई। प्रमुख सचिव को शिकायत भेजने के बाद असिस्टेंट कमिश्नर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।

पुलिस जांच में जुटी  

सबूतों में CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज और कर्मचारियों के बयान शामिल हैं, जो पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। नामजद आरोपी हैं—कानपुर-सेल्सटैक्स असिस्टेंट कमिश्नर, मुख्य प्रबंधक राजेश मिश्रा, O3ARO और योगेंद्र कुमार। मामले में कल्याणपुर पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वैभव राठौर ने कहा, “मैंने कानून का पालन किया, लेकिन अधिकारियों ने मुझे बर्बाद करने की कोशिश की। मैं न्याय की लड़ाई लड़ूंगा।”

प्रदेश सहित देशभर में LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स की हड़ताल: सेवा शुल्क बढ़ाने की मांग पर सिलेंडर डिलीवरी बंद, उपभोक्ता परेशान  

मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में LPG गैस वितरक आज (06 नवंबर) हड़ताल पर हैं। वितरकों की मुख्य मांग है कि सेवा शुल्क (service charge) को 35 रुपए से बढ़ाकर 110 रुपए किया जाए। इस मांग को लेकर देशभर के करीब 26 हजार वितरक हड़ताल पर हैं।  पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 

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