Kailash Vijayvargiya: कमलनाथ सरकार गिराने वाले बयान पर बोले विजयवर्गीय- यह विशुद्ध रूप से मजाक था

Kailash Vijayvargiya: कमलनाथ सरकार गिराने वाले बयान पर बोले विजयवर्गीय- यह विशुद्ध रूप से मजाक था

Image Source: Twitter@ANI

Kailash Vijayvargiya in Kisaan Sammelan: कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन को लेकर देश में इस समय सियासत गरमायी हुई है इसी बीच बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कमलनाथ सरकार के गिरने को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। इंदौर में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की थी। हालां​कि बाद में विजयवर्गीय ने अपने इस बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वहां मौजूद लोगों को पता है कि यह विशुद्ध रूप से मजाक था। यह बात मैंने हल्के-फुल्के मजाकिया लहजे में कही थी।

धर्मेंद्र प्रधान का नहीं था कोई रोल
दरअसल बुधवार को किसान सम्मेलन के दौरान विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में कहा था, 'ये पर्दे के पीछे की बात पहली बार बता रहा हूं कि कमलनाथ की सरकार गिराने में यदि महत्वपूर्ण भूमिका किसी की थी तो वो नरेंद्र मोदी जी की थी। धर्मेंद्र प्रधान जी का इसमें कोई रोल नहीं था।

कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि 'बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने किसान सम्मेलन के मंच से कांग्रेस के उन तमाम आरोपों की पुष्टि कर दी है कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार को बीच समय में नरेंद्र मोदी जी के इशारे पर गिराया गया है।

https://twitter.com/NarendraSaluja/status/1339211026986766336

नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर कहा, देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कांग्रेस की चुनी हुई संवैधानिक सरकारो को असंवैधानिक तरीक़े से गिराते हैं। यह खुद बीजेपी के ही राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय कह रहे है। एमपी की कमलनाथ सरकार को मोदी जी ने ही प्रमुख भूमिका निभा गिराया। कांग्रेस के आरोपों की पुष्टि। उन्होंने कहा, कांग्रेस तो शुरू से ही यह कह रही है लेकिन बीजेपी, सरकार गिरने के पीछे कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई को ज़िम्मेदार बताकर झूठ बोलती आयी है लेकिन आज सच ज़ुबान पर आ ही गया।

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गौरतलब है कि, इसी साल सिंधिया समर्थक 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी। 20 मार्च को कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और 23 मार्च को शिवराज सिंह चौहान फिर से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए।

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