Political story: अपनी बुआ की तरह नहीं हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन, राजनीति से रहती हैं कोसो दूर

अपनी बुआ की तरह नहीं हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन, राजनीति से रहती हैं कोसो दूरJyotiraditya Scindia's sister is not like her aunt, Koso stays away from politics

Political story: अपनी बुआ की तरह नहीं हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन, राजनीति से रहती हैं कोसो दूर

Image source-@vikramaditya_JK

नई दिल्ली। राजनीति में सिंधिया राज घराने (Scindia royal family) की बात जब भी होती है तो इस राज घराने की बेटियों की चर्चा खूब होती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) की दो बुआ वसुन्धरा राजे और यशोधरा राजे सिंधिया देश की राजनीति में एक अलग पहचान रखती हैं। वसुन्धरा राजे सिंधिया तो राजस्थान की दो बार मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं। वहीं यशोधरा राजे वर्तमान में बीजेपी की टिकट पर शिवपुरी से चार बार की विधायक हैं। लेकिन कम ही लोग ये जानते हैं कि ज्यातिरादित्य की बहन क्या करती हैं। लोग उनके बारे में कम ही जानते हैं। ऐसे में लोगों के मन में ये सवाल जरूर होगा कि वो कहां रहती है, क्या करती हैं?

कश्मीर की बहु है सिंधिया की बहन

ग्वालियर के सिंधिया राज घराने की बेटी और ज्योतिरादित्य सिंधिया की बहन का नाम चित्रांगदा राजे सिंह (Chitrangada Raje Singh) है। उनका जन्म 14 फरवरी 1967 को हुआ था। वो उम्र में ज्योतिरादित्य से बड़ी हैं। उनकी शादी जम्मू-कश्मीर और जमवाल घराने के युवराज विक्रमाद्त्य सिंह के साथ हुई है। वो राजनीति से काफी दूर रहती हैं। उनकी शुरूआती पढ़ाई मुंबई और देहरादून में हुई। जिसके बाद वो दिल्ली में रहने लगीं।

मीडिया से रहती हैं दूर

दिल्ली में रहते वक्त ही उनकी शादी विक्रमादित्य सिंह से हुई थी। शादी के बाद वो 2 साल तक कश्मीर में रहीं। उसके बाद वो फिर से एक बार अपने परिवार के साथ दिल्ली लौट गईं। वो मीडिया से भी दूर ही रही हैं। यही कारण है उनके बारें में ज्यादा लोगों को कुछ नहीं पता है।

राजा हरि सिंह के परिवार से है ताल्लुक

वहीं उनके पति विक्रमादित्य सिंह (Vikramaditya Singh) राजा करण सिंह के पुत्र है्ं। इस राज परिवार का ताल्लुक जम्मू-कश्मीर के अंतिम शासक राजा हरि सिंह के परिवार से है। विक्रमादित्य का जन्म मुंबई में हुआ था। लेकिन उनकी शुरूआती पढ़ाई दिल्ली में हुई थी। भारत में अपनी पढ़ाई खत्म करने के बाद विक्रमादित्य सिंगापुर चले गए जहां से उन्होंने युनाइटेड वर्ल्ड कॉलेज से आगे की पढ़ाई की। विक्रमादित्य सिंह भी अपने साले की तरह ही राजनीति में हैं और साथ में अपना बिजनेस चलाते हैं।

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