Jyotiraditya Scindia: जब सिंधिया को नौकरी देने के लिए यूएन ने बदल दिया था नियम, खुद बताया अपना अनुभव

Jyotiraditya Scindia: जब सिंधिया को नौकरी देने के लिए यूएन ने बदल दिया था नियम, खुद बताया अपना अनुभव Jyotiraditya Scindia: When the UN changed the rules to give job to Scindia, told himself his experience

Jyotiraditya Scindia: जब सिंधिया को नौकरी देने के लिए यूएन ने बदल दिया था नियम, खुद बताया अपना अनुभव

नई दिल्ली। मप्र भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) सियासत बयानबाजी को लेकर जाने जाते हैं। भले ही सिंधिया बयान न दें लेकिन उनके राजनीतिक प्रतिद्विंदी सिंधिया (Scindia) को लेकर लगातार बयान देते रहते हैं। हाल ही में सिंधिया को केंद्रीय मंत्रिमंडल Cabinate Minister Jyotiraditya Scindia) में शामिल किया गया है। अब वह पीएम मोदी की टीम में उड्डयन मंत्रालय संभाल रहे हैं। कांग्रेस पार्टी से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले सिंधिया ने अपनी पढ़ाई अमेरिका में रहकर पूरी की है। अपनी पढ़ाई के दौरान सिंधिया ने अमेरिका में नौकरी भी की है। सिंधिया को नौकरी देने के लिए यूएन ने तक अपने नियमों में तब्दीली कर दी थी।

अमेरिका से लौटकर अपने पिता माधवराव सिंधिया की तरह उन्होंने भी कांग्रेस ज्वाइन कर ली। लंबे समय तक कांग्रेस में अपना समय देने के बाद सिंधिया ने हाथ का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंधिया ने एक बार इंटरव्यू देते समय बताया था कि उन्हें नौकरी देने के लिए एक बार यूएन ने भी अपने नियमों में बदलाव कर डाला था। इस इंटरव्यू में सिंधिया ने बताया, " मैंने अमेरिका में अपनी पढ़ाई के दौरान यूएन समेत कई बड़ी संस्थाओं में नौकरी की है। मुझे नौकरी देने के लिए एक बार यूएन ने भी अपने नियमों में बदलाव कर दिया था। सिंधिया आगे बताते हैं कि नौकरी के समय यूनाइटेड नेशन (Unitatd Nation Program) में एक प्रोग्राम चलता था।

इंटरनशिप प्रोग्राम में लिया था हिस्सा...
यह इंटरनशिप प्रोग्राम था। इसमें ग्रेजुएट अभ्यार्थियों को चुना जाता था। इस नौकरी में आवेदन करते समय सिंधिया अंडर ग्रेजुएट (Jyotiraditya Scindia Uder Graduate) थे। इसके बाद भी यूएन ने सिंधिया को नौकरी देने के लिए अपने नियमों में बदलाव कर उन्हें अंडर ग्रेजुएट होते हुए भी नौकरी पर रखा था। एक टीवी शो "कुछ लम्हे फुरसत के" के इंटरव्यू में सिंधिया ने बताया कि जब मैंने इस नौकरी के लिए आवेदन किया था तो मैं अंडर ग्रेजुएट था। लेकिन मैंने जब यूएन के अधिकारियों को अपने केस के बारे में बताया तो उन्होंने नियमों में बदलाव कर मेरा चुनाव किया था। यह बात साल 1992 की है। उस समय अमेरिका और इराक के बीच युद्ध चल रहा था। इस समय मैं यूएन (UN) में नौकरी कर सकता था। युद्ध के समय मुझे किसी भी कमरे में जाने की अनुमति थी। यूएन का अनुभव काफी शानदार रहा साथ ही यहां से काफी कुछ सीखने को मिला है।

बता दें सिंधिया की पढ़ाई अमेरिका से हुई है। अपनी शादी के समय वह अमेरिका (Scindia In America) में ही रह रहे थे। जब वह अपनी पत्नी प्रियदर्शनी से पहली बार मिले तो वह अमेरिका में ही रह रहे थे। शादी के बाद सिंधिया कुछ समय तक अपनी पत्नी के साथ अमेरिका में ही रहे हैं। इसके बाद उन्होंने भारत आकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। लंबे समय तक वह कांग्रेस की तरफ से मैदान में ताल ठोकते रहे। फिर साल 2020 में उन्होंने कांग्रेस (Scindia Congress) को अलविदा कह भाजपा ज्वाइन (Scindia Join BJP) कर ली। सिंधिया के जाने से मप्र में कांग्रेस की सरकार भी गिर गई थी। अब सिंधिया केंद्र में बैठकर मंत्रालय संभाल रहे हैं।

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