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भोपाल: मध्य प्रदेश (MP By-election) में होने वाले उप-चुनाव को लेकर इन दिनों शिवराज और महाराज की जोड़ी मैदान में उतर गई है। पार्टी को वोट दिलाने के आज कल ये जोड़ी एक साथ हर मंच पर नजर आ रही हैं। ऐसे में लोग इस जोड़ी की तुलना अस्सी के दशक में माधव-मोती की जोड़ी से कर रहे हैं। जिसका जिक्र खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए किया।
इसलिए फेमस है 'माधव-मोती' की जोड़ी
दरअसल 1980 में माधव-मोती (Madhav rao Scindia) की इस जोड़ी की वजह से ही मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सियासी समीकरण बिगड़ गए थे। उस समय माधवराव सिंधिया ने मोतीलाल वोरा (Moti lal vora) को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एड़ी से चोटी का जोर लगा दिया था। उन दिनों ये दोनों लोग साथ-साथ दौरे करते थे। तब कहा जाता था कि वोरा जी सुबह का नाश्ता ग्वालियर में करते है और शाम का भोजन भोपाल में करते हैं।
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80 के दशक का नजारा एक बार फिर इस उप-चुनाव में देखने को मिल रहा है। इन दिनों ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर सीट पर साथ-साथ दौरा और जनसभा करते नजर आ रहे हैं। एक तरफ शिवराज को अपनी सरकार बचानी है, तो वहीं महाराज को एक बार फिर अपनी लोकप्रियता साबित करनी है। ऐसे में ये दोनों नेता दमखम से चुनाव प्रचार करने में जुड़े हैं।
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