Ashoknagar News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 6 पुस्तकालयों का किया उद्घाटन, अपने कॉलेज के दिनों को किया याद

Jyotiraditya Scindia Ashoknagar: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 जनवरी को अशोकनगर जिले में 6 पुस्तकालयों का उद्घाटन किया।

Jyotiraditya Scindia Ashoknagar

रिपोर्ट: संजय श्रोत्रिय..

Jyotiraditya Scindia Ashoknagar: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 10 जनवरी, शुक्रवार को अशोकनगर जिले में 6 पुस्तकालयों का उद्घाटन किया। चंदेरी में लाइब्रेरी की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस लाइब्रेरी को ज्ञान और शिक्षा का मंदिर बनाना है।

उन्होंने बताया कि यह लाइब्रेरी चंदेरी क्षेत्र में अपनी तरह का पहला पुस्तकालय है, जो स्थानीय नागरिकों, विशेष रूप से छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ज्ञान का अनमोल खजाना प्रदान करेगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित लाइब्रेरी

कार्यक्रम (Jyotiraditya Scindia Ashoknagar) के दौरान सिंधिया ने कहा, “यह सिर्फ एक पुस्तकालय की इमारत नहीं हैं, ये ज्ञान और शिक्षा के मंदिर हैं। जैसा कि जे.के. रोलिंग ने हैरी पॉटर किताब में कहा है, ‘जब संदेह हो, तो लाइब्रेरी जाओ।’ असली खजाना तो इन लाइब्रेरियों में छुपा है।” 

लाइब्रेरी को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिसमें वाई-फाई, कंप्यूटर, और डिजिटल लाइब्रेरी की सेवाएं उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को शैक्षणिक संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करना है। इसमें एक समय में 40 बच्चे बैठ सकेंगे और यह रू 10 लाख की लागत से बनाई गई है।

अपने कॉलेज के दिनों को सिंधिया ने किया याद

सिंधिया ने बच्चों को लाइब्रेरी के महत्व के बारे में बताते हुए अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया और कहा कि जब मैं कॉलेज में हार्वर्ड में था तब मैं बहुत वक्त लाइब्रेरी में बिताया करता था और वह समय मुझे आज भी याद है।

राजमाता सिंधिया क्षेत्र की जनता के लिए रहती थी समर्पित: मंत्री सिंधिया

अपनी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया के जीवन के बारे में बताते हुए मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि राजमाता साहेब क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित रहती थी, उन्होंने बच्चियों की शिक्षा के लिए ग्वालियर के जय विलास पैलेस में सिंधिया कन्या विद्यालय की शुरुआत की थी और आज वह विद्यालय देश के सबसे उच्च कन्या विद्यालयों में से एक है।

नालंदा पुस्तकालय का भी किया जिक्र

उन्होंने बताया कि “हमारे देश में हजारों साल पहले विश्न का सबसे प्रसिद्ध लाइब्रेरी नालंदा पुस्तकालय था, पूरे विश्व के सबसे बुद्धिमान लोग हमारे नालंदा के विश्वविद्यालय में आते थे। विदेशी आक्रमणकारी बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुस्तकालय को नष्ट कर दिया, जिसमें 90 लाख पांडुलिपियां थीं।

कहा जाता है कि वो पांडुलिपियां डेढ़ साल तक जलीं। लेकिन जिन आक्रंताओं ने भारत पर वार किया, वो भूल गए कि ये भारत माता कि धरती है, हमें दबाने की कोशिश कर सकते हो, लेकिन सिर उठाकर हम दुबारा पूरे विश्व में अपनी सोच विचार धारा कायम करेंगे।”

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नालंदा विश्नविद्यालय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई पहचान दिलाई: सिंधिया

मंत्री सिंधिया (Jyotiraditya Scindia Ashoknagar) ने PM मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के विकास को ने नई प्राथमिकता दी है, आज नालंदा विश्वविद्यालय  UNESCO द्वारा मान्यता प्राप्त एक वैश्विक धरोहर है। 

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