Junior Dr Strike: लिखित आदेश के बाद खत्म हुई जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल, मंत्री से की...

Junior Dr Strike: लिखित आदेश के बाद खत्म हुई जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल, मंत्री से की... Junior doctors' strike ended after written order, asked the minister

Junior Dr Strike: लिखित आदेश के बाद खत्म हुई जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल, मंत्री से की...

भोपाल। प्रदेश में पिछले दिनों से 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल सोमवार को खत्म हो गई है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने रविवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से मुलाकात की थी। इसके बाद मंत्री सारंग द्वारा लिखित आदेश जारी किया गया है। आदेश जारी होने के बाद हड़ताल समाप्त हो गई है। अब जूडा जल्द ही काम पर वापस लौट आएंगे। बता दें कि जूडा अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले दिनों से हड़ताल कर रहे हैं। शनिवार को जूडा ने कॉलेज की बिल्डिंग के गेट पर खून से सना एप्रिन टांगकर प्रदर्शन किया था।

जूडा का कहना था कि कोरोना के इस भयानक काल में डॉक्टर्स अपनी जान पर खेलकर सेवा कर रहे हैं। वहीं डॉक्टर्स को हॉस्टल खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। जूडा ने शनिवार को भी कॉलेज के हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन किया था। राजधानी में 28 जूडा को नोटिस भी दिया गया था। इसके बाद भी जूडा हटने के लिए तैयार नहीं थे। अब आज चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने लिखित आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद अब यह हड़ताल समाप्त हो गई है। इससे पहले जबलपुर हाईकोर्ट ने जूडा की हड़ताल पर सख्ती दिखाते हुए हड़ताल 24 घंटे में खत्म करने के आदेश दिए थे।

हाईकोर्ट ने काम पर लौटने के दिए थे निर्देश...
बता दें कि इससे पहले हाईकोर्ट भी मामले पर सुनवाई कर चुका है। प्रदेश में अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स (जूडा) को लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई थी। हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए इस हड़ताल को असंवैधानिक बताया था। साथ ही हड़ताल को तत्काल प्रभाव से खत्म करने के आदेश भी दिए थे।

जूडा की हड़ताल को लेकर गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि कोरोना महामारी के इस प्रचंड दौर में जब डॉक्टर्स की सबसे ज्यादा जरूरत है तब हड़ताल करना उचित नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा था कि 24 घंटे के भीतर अगर जूनियर डॉक्टर अपने काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

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