पत्रकार महेंद्र बापना एक्सीडेंट केस: इंदौर जिला कोर्ट का आदेश, 54 लाख 87 हजार मुआवजा और 20 लाख ब्याज देगी बीमा कंपनी

Journalist Mahendra Bapna Case: इंदौर में वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र बापना के एक्सीडेंट केस में फैसला आया है। जिला कोर्ट ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को महेंद्र बापना के परिवार को 54 लाख 87 हजार रुपए मुआवजा और करीब 20 लाख रुपए ब्याज देने का आदेश दिया है।

Journalist Mahendra Bapna Accident Case Indore District Court

Journalist Mahendra Bapna Accident Case: इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र बापना एक्सीडेंट केस में जिला कोर्ट ने फैसला सुनाया। इंदौर जिला कोर्ट ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि पत्रकार महेंद्र बापना के परिवार को 54 लाख 87 हजार 500 रुपए का मुआवजा दें। इसके साथ ही करीब 20 लाख रुपए का ब्याज भी दें। इस केस की पैरवी सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा और अक्षांश मेहरा ने की थी।

60 दिन के अंदर मुआवजा देने का आदेश

Journalist Mahendra Bapna Case claim

Indore District Court Order Journalist Mahendra Bapna Accident Case 2

[caption id="attachment_742759" align="alignnone" width="685"]Indore District Court Order Journalist Mahendra Bapna Accident Case 3 इंदौर जिला कोर्ट का आदेश[/caption]

इंदौर जिला कोर्ट ने बीमा कंपनी को 60 दिन के अंदर पत्रकार के परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके साथ ही बीमा कंपनी 6 प्रतिशत की दर से अलग से ब्याज देगी। पत्रकार महेंद्र बापना की पत्नी और दोनों बेटियों की ओर से इस केस को सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा और अक्षांश मेहरा ने लड़ा।

70 प्रतिशत राशि पत्नी और 15-15 प्रतिशत बेटियों को मिलेगी

इंदौर जिला कोर्ट ने आदेश दिया है कि संपूर्ण क्षतिपूर्ति की 70 प्रतिशत राशि मृतक पत्रकार महेंद्र बापना की पत्नी संगीता बापना और 15-15 प्रतिशत राशि दोनों बेटियों को दी जाए।

पत्रकार महेंद्र बापना की एक बेटी नाबालिग

पत्रकार महेंद्र बापना की बेटी अर्णिमा नाबालिग है। इसलिए जिला कोर्ट ने आदेश दिया है कि पत्रकार महेंद्र की पत्नी और बेटी महिमा को 50-50 प्रतिशत राशि नगद भुगतान की जाए। वहीं नाबालिग बेटी अर्णिमा के हिस्से की राशि उसके बालिग होने तक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में जमा की जाए।

समझौता नहीं कर रही थी रिलायंस जनरल इश्योरेंस कंपनी

इस केस के सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा ने बताया कि रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी समझौता नहीं कर रही थी। लोडिंग वाहन के ड्राइवर का भी कहना था कि उनकी लापरवाही से दुर्घटना नहीं हुई है। मैंने अपने गवाहों के जरिए ये प्रमाणित किया कि ये लापरवाही लोडिंग वाहन के ड्राइवर की है। पत्रकार महेंद्र बापना की कोई गलती नहीं थी। इसलिए केस में पूरा क्लेम मिला है।

केस के फैसले में इतना समय क्यों लगा ?

सीनियर एडवोकेट संजय मेहरा ने बताया कि क्लेम के केस में ऑनर और ड्राइवर को समन की तामीली होने में समय लगता है। पेपर पब्लिकेशन के जरिए समन की तामीली हुई। इनकम टैक्स के पेपर भी थोड़ी देरी से उपलब्ध हुए थे। इसलिए समय लगा। हमने पत्रकार बापना की मृत्यु के बाद इनकम टैक्स रिटर्न भरा था, उसे ही कोर्ट ने माना। देरी की वजह से बीमा कंपनी को 6 प्रतिशत की दर से ब्याज भी चुकाने का आदेश दिया है।

इंदौर जिला कोर्ट का फैसला संतोषजनक

Mahendra Bapna Case Senior Advocate Sanjay Mehra

11 फरवरी 2019 को हुआ था पत्रकार महेंद्र बापना का निधन

इंदौर और मालवांचल के वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र बापना की 11 फरवरी 2019 को एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। वे 30 सालों से पत्रकारिता जगत में सक्रिय थे और क्षेत्र के वरिष्ठ और अनुभवी क्राइम पत्रकारों में उनका नाम शामिल था। पत्रकार महेंद्र बापना इंदौर से प्रकाशित होने वाले एक सांध्य दैनिक में लंबे समय तक काम कर चुके थे।

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