Johnny Lever: बॉलीवुड का पहला स्टेंडअप कॉमेडियन, जो कभी सड़कों पर पेन बेचा करता था

Johnny Lever: बॉलीवुड का पहला स्टेंडअप कॉमेडियन, जो कभी सड़कों पर पेन बेचा करता था

मुंबई। अपने कॉमिक टाइमिंग के दम पर दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले अभिनेता जॉनी लीवर को कौन नहीं जानता। उनका नाम जैसे ही आता है हमारे चेहरों पर मुस्कान आ जाती है। फिल्मों में निभाए उनके किरदार मानों हमारे आंखों के सामने तैरने लगते हैं। जॉनी लीवर बॉलीवुड के उन चुनिंदा एक्टरों में से एक हैं जिन्होंने अपने जीवन में काफी स्ट्रगल किया है। हालांकि, जब से उन्होंने फिल्मों में काम करना शुरू किया उसके बाद से फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बॉलीवुड का पहला स्टेंडअप कॉमेडियन

जॉनी को बॉलीवुड का पहला स्टेंडअप कॉमेडियन भी कहा जाता है। उन्होंने बॉलीवुड में 300 से अधिक फिल्में की हैं। इसके साथ ही उन्हें अपने काम के लिए 13 बार फिल्मपेयर अवॉर्ड में नॉमिनेट भी किया गया है। हालांकि, एक समय ऐसा भी था जब जॉनी बेहद गरीब में जिंदगी जीते थे। पैसी की कमी के कारण वे 7वीं तक ही स्कूल जा सके। क्योंकि उन्हें अपना पेट पालने के लिए फैक्ट्री में काम करना था।

सड़कों पर पेन तक बचे

जॉनी लीवर ने फैक्ट्री के अलावा सड़कों पर पेन तक बचे। ऐसे में आप सोच सकते हैं कि उनके लिए कॉमेडियन और एक्टर बनना इतना आसान नहीं था। जॉनी लीवर का असली नाम जॉनी प्रकाश है। 14 अगस्त 1957 को उनका जन्म आंध्रप्रदेश के एक आम परिवार में हुआ था। जॉनी दो भाई और तीन बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता प्रकाश राव जनमूला मुंबई की हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री में काम करते थे और जैसे-तैसे अपना घर चलाते थे।

पैसों की कमी के कारण स्कूल छोड़ना पड़ा

प्रकाश राव चाहते थे कि बच्चे स्कूल जाए। उन्होंने जॉनी को स्कूल भेजा भी लेकिन 7वीं के बाद पैसों की कमी के कारण उन्हें अपना स्कूल छोड़ना पड़ा। स्कूल छोड़ने के बाद जॉनी पिता की मदद के लिए कुछ दिनों तक सड़कों पर पेन बेचा। जब इससे काम नहीं चला, तो फैक्ट्री में काम करना शुरू कर दिया। कहते हैं कि जॉनी बचपन से ही कला प्रेमी थे। जब वे सड़कों पर पेन बेचते थे तो अक्सर बड़े-बड़े फिल्मी सितारों की नकल उतारा करते थे। जैसे-जैसे वो बड़े हुए उनका टैलेंट और निखरता गया। फैक्ट्री में भी काम करने के दौरान वो मिमिक्री किया करते थे।

उन्हें मिमिक्री करने के लिए बुलाया जाता था

फैक्ट्री में किसी चीज का आयोजन होता तो उन्हें स्टेज पर मिमिक्री करने के लिए बुलाया जाता था। इस काम के लिए उन्हें पैसे भी दिए जाते थे। धीरे-धीरे जॉनी लीवर फैक्ट्री से निकलकर बाहर भी स्टेज शो करने लगे। ऐसे ही एक स्टेज शो के दौरान उनकी मुलाकात बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त से हुई और फिर क्या था उस दिन से उनकी जिंदगी ही बदल गई। कहते हैं कि संजय दत्त की वजह से ही जॉनी लिवर को 1989 में आई फिल्म 'दर्द का रिश्ता' फिल्म में जोसफ का रोल मिला था। इस रोल को जॉनी ने बखूबी निभाया और अभिनय की दुनिया में छा गए। लोग उनके काम की तारीफ करने लगे।

इस फिल्म के बाद जॉनी ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मुजरिम, तेजाब, कोयला, बाजीगर, राजा हिंदुस्तानी, कुछ कुछ होता है, कोई मिल गया, अनाड़ी और बादशाह जैसी सैकड़ों फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता। आज भी जॉनी उसी मेहनत से काम करते हैं जैसे पहले किया करते थे।

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