Jitu Patwari Targets BJP: जीतू पटवारी ने एमपी को क्यों कहा ‘कर्ज और क्राइम की राजधानी’, जानिए कर्ज और क्राइम के ये आंकड़े

Jitu Patwari Targets BJP: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एमपी सरकार पर क्राइम और कर्ज के आंकड़े गिनाते हुए निशाना साधा है.

Jitu Patwari Targets BJP: जीतू पटवारी ने एमपी को क्यों कहा ‘कर्ज और क्राइम की राजधानी’, जानिए कर्ज और क्राइम के ये आंकड़े

   हाइलाइट्स

  • एमपी गवर्नमेंट पर 4 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज
  • आदिवासियों पर अपराध के मामले में एमपी टॉप पर
  • महिला अपराधों के मामले में एमपी टॉप 3 में शामिल

Jitu Patwari Targets BJP:प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश सरकार के लगातार कर्ज लेने और प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. पीसीसी चीफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की एमपी कर्ज और क्राइम की राजधानी बन गई है. जीतू पटवारी का बयान प्रदेश सरकार पर भारी भरकम कर्ज की ओर इंगित कर रहा है. इसी कर्ज की वजह से इस बात पर भी बहस चल रही थी कि सीएम मोहन यादव पूर्व सीएम शिवराज के शासन में शुरू हुई योजनाएं बंद कर सकते हैं. बता दें एमपी सरकार पर 4 लाख करोड़ से ज्यादा का कर्ज है.

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    एमपी में कर्ज और क्राइम बढ़ा

पीसीसी चीफ ने कहा सीएम मोहन यादव के शासन काल में प्रदेश में गंभीर अपराध हो रहे हैं. कहीं पुलिस वालों पर गोलियां चल रहीं हैं तो कहीं गैंगरेप हो रहे. आदिवासियों को पीटने के मामले बढ़ रहे हैं. वहीं कर्ज को लेकर जीतू पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार ने सत्ता संभालते ही 23 जनवरी 2024 को 2500 करोड़ का कर्ज ले लिया. इसके 15 दिन के भीतर ही  7 फरवरी 2024 को 3000 करोड़ रुपए का कर्ज ले लिया. बीजेपी की पूर्व सरकार और अब की सरकार ने एमपी को कर्ज और क्राइम की राजधानी बना दिया.

    एमपी पर है इतना कर्ज

वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश सरकार ने 27500 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. 20 फरवरी को ही बाजार से पांच हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया. आरबीआई के जरिए गवर्मेन्ट सिक्युरिटीज का बेचकर यह लिया गया है. कर्ज कुल तीन हिस्सों में लिया गया है. पहला कर्ज 1,500 करोड़ 16 वर्ष के लिए, दूसरा कर्ज 20 वर्ष के लिए 2000 करोड़ का लिया. और तीसरा कर्ज 21 वर्ष के लिए 1500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया. वित्त वर्ष 23-24 में सरकार कुल 32 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है. वहीं कुल कर्ज की बात करें तो प्रदेश  सरकार पर 4 लाख 10 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का कर्ज है.  

    लाड़ली बहनों की राशि 1250 पर स्थिर

कर्ज के चलते पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की शुरू की गई योजना बंद करने का दबाव भी मोहन सरकार पर बन रहा है. इसी बीच सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना को दी जाने वाली 1250 रुपए की राशि को मार्च महीने में 1 तारीख को देने का फैसला किया है. सीएम ने यह फैसला शिवरात्रि और होली को देखते हुए लिया है. हालांकि मोहन यादव के सीएम बनने के बाद से योजना की राशि 1250 पर ही स्थिर है.

इस मुद्दे पर  हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के ने सवाल किया था. जिसपर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि लाड़ली बहना योजना में दी जा रही राशि बढ़ाने का फिलहाल सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. उन्होंने आगे कहा पूर्व सीएम ने राशि को धीरे-धीरे बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक करने की घोषणा की थी, लेकिन इसकी समय सीमा बताना संभव नहीं है.  

   एमपी का क्राइम ग्राफ 

2022 के एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार आदिवासियों पर अपराध के मामलों में एमपी देश में टॉप पर है. प्रदेश में 2022 में 2979 मामले सामने आए. इस मामले में एमपी तीन सालों से टॉप पर बना हुआ है. 2,521 मामलों के साथ राजस्थान दूसरे और 742 मामलों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है.

इसके साथ ही प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ भी प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा. प्रदेश में 3,046 महिलाओं और लड़कियों के साथ रेप और   गैंगरेप के मामले दर्ज किए गए थे. वहीं प्रदेश की अपराध दर  अपराध दर औसत 66.4 दर्ज की गई. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा अपराधों वाले राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सूची में 10 वें स्थान पर है.

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