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मुंबई। jiah khan suicide case इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है जहां पर जिया खान के आत्महत्या मामले में एक्टर सूरज पंचोली को बरी कर दिया गया है। जहां पर फैसले के वक्त सूरज कोर्ट रूम में मौजूद थे।
सीबीआई स्पेशल कोर्ट में फैसला
आपको बताते चलें कि, इस मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को एक्ट्रेस जिया खान सुसाइड केस में सूरज पंचोली को बरी कर दिया। जिसमें कोर्ट ने कहा कि, 'आपके खिलाफ सबूत काफी नहीं हैं, इसलिए बरी किया जाता है।' सूरज पर एक्ट्रेस को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप था। बता दें कि, पुलिस को जिया के घर से 6 पेज का सुसाइड नोट मिला था। इसके मुताबिक, जिया सूरज के साथ बिगड़े रिश्तों की वजह से काफी परेशान थीं। इसके बाद जिया की मां राबिया खान ने सूरज पर केस दर्ज कराया था। सूरज, एक्टर आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे हैं।
10 साल की सजा की हो रही थी बात
अभिनेत्री जिया खान की खुशकुशी के तकरीबन 10 साल बाद मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत इस मामले में शुक्रवार को अपना फैसला सुना सकती है। इस मामले में जिया के प्रेमी और फिल्म अभिनेता सूरज पंचोली पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। अगर अभिनेता आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज को इस मामले में दोषी ठहराया जाता है, तो उन्हें 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
सीबीआई ने कही बात
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के न्यायाधीश ए एस सैय्यद ने पिछले हफ्ते मामले में दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनी थीं और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अमेरिकी नागरिक जिया (25) तीन जून 2013 को अपने जुहू स्थित घर में मृत मिली थीं। पुलिस ने जिया की ओर से कथित तौर पर लिखे छह पन्नों के पत्र के आधार पर सूरज को गिरफ्तार कर लिया था और उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। आईपीसी की धारा-306 कहती है कि ‘‘अगर कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है, तो उसे जो भी शख्स यह कदम उठाने के लिए उकसाता है, उसे 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।’’ सूरज अभी इस मामले में जमानत पर जेल से बाहर हैं। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि मुंबई पुलिस द्वारा जब्त किया गया पत्र जिया ने ही लिखा था।
जांच एजेंसी ने किया दावा
जांच एजेंसी ने दावा किया था कि पत्र में सूरज के साथ जिया के अंतरंग संबंधों के साथ-साथ उनके कथित शारीरिक शोषण, मानसिक और शारीरिक यातना के बारे में बात की गई है, जिस वजह से उन्होंने खुदकुशी की। इस मामले में अभियोजन पक्ष की प्रमुख गवाह और जिया की मां राबिया खान ने अदालत से कहा कि उनका मानना है कि यह हत्या का मामला है, न कि आत्महत्या का। बंबई उच्च न्यायालय ने मामले की नए सिरे से जांच कराने की मांग वाली राबिया की याचिका को पिछले साल खारिज कर दिया था। सूरज ने अदालत में अपने अंतिम बयान में दावा किया था कि जांच और आरोपपत्र झूठा है। उन्होंने कहा था कि शिकायतकर्ता राबिया खान, पुलिस और सीबीआई के कहने पर अभियोजन पक्ष के गवाहों ने उनके खिलाफ गवाही दी। जिया को अमिताभ बच्चन अभिनीत हिंदी फिल्म ‘‘निशब्द’’ में उनके अभियन के लिए जाना जाता था।
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