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झारखंड : चुनाव आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक नोटिस भेजा है। जिसके बाद से सीएम सोरेन की कुर्सी खतरे में आ गई है। नोटिस के जारिए उनसे पूछा गया है कि खदान का पट्टा जारी करने के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए? संभावना है कि मामले में दोषी पाए जाने के बाद चुनाव आयोग हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ जाए।
क्या है आरोप
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर आद्योगिक भूमि का आवंटन कर दिया। इसके अलावा, उन पर अपने भाई और प्रतिनिधि को खनिज खदानों के पट्टे देने का आरोप है। पूर्व सीएम रघुवर दास ने यह मामला उठाया और इस मामले के दस्तावेज उपलब्ध कराए। अब राज्यपाल रमेश बैस ने इस मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग को दस्तावेज भेजे हैं। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव से इस मामले में रिपोर्ट मांगी थी।
जा सकता है सीएम पद
राज्यपाल रमेश बैश ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ लाभ के दोहरे पद के मामले में कार्रवाई करने की जानकारी दी थी। वही अब चुनाव आयोग ने कार्रवाई से पहले हेमंत सोरेन का पक्ष जानने के लिए उन्हें नोटिस दिया है। हेमंत सोरेन से पूछा गया है कि वह अपना जवाब दें कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. जनप्रतिनिधित्व कानून का धारा 9ए के तहत अगर हेमंत सोरेन दोषी पाए जाते हैं, तो चुनाव आयोग उन्हें अयोग्य ठहरा सकता है।
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