बरहेट विधानसभा सीट रिजल्ट: बरहेट सीट पर हेमंत सोरेन को बढ़त, 12 हजार 818 वोटों से पिछड़े

Jharkhand Barhet Legislative Assembly Result: बरहेट विधानसभा सीट रिजल्ट, बरहेट सीट पर हेमंत सोरेन को बढ़त, 12 हजार 818 वोटों से पिछड़े

Jharkhand Barhait Assembly Seat Result

Jharkhand Barhait Assembly Seat Result

Jharkhand Barhait Assembly Seat Result: झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए काउंटिंग जारी है. फ़िलहाल रुझानों में हेमंत सोरेन बढ़त बनाए हुए हैं. झारखंड की बरहेट सीट से हेमंत सोरेन 23,806 वोट से आगे चल रहे हैं. वहीं गमालियल हेम्ब्रम 12 हजार 818 वोटों से पीछे हैं.

इस सीट को पहले से झारखंड मुक्ति मोर्चा का गढ़ माना जाता है. 2019 के विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन ने बीजेपी के साइमन माल्टो को 25,740 मतों से चुनाव हराया था. इस सीट पर दूसरे चरण में वोट डाले गए थे.

हेमंत सोरेन का गढ़ है बरहेट 

हेमंत सोरेन 4 जुलाई 2024 से झारखंड के मुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं, झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण शख्सियत हैं। वे झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 में बरहेट सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। इससे पहले, वे जुलाई 2013 से दिसंबर 2014 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे।

हालांकि, 31 जनवरी 2024 को उन्हें ईडी ने जमीन घोटाले के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद, चंपई सोरन ने झारखंड के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

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हेमंत सोरेन का राजनीतिक सफर 23 दिसंबर 2009 को झारखंड विधानसभा में सदस्य के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद, 24 जून 2009 से 4 जनवरी 2010 तक उन्होंने राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी कार्य किया।

11 सितंबर 2010 को उन्हें झारखंड के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ दिलाई गई, और वे 8 जनवरी 2013 तक इस पद पर रहे। सोरेन ने कांग्रेस और राजद के समर्थन से 15 जुलाई 2013 को झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और फिर दिसंबर 2019 में भी मुख्यमंत्री के रूप में अपनी वापसी की।

अतिथि शिक्षक की नौकरी छोड़ राजनीति में एंट्री  

झारखंड की बरहेट सीट इस बार विधानसभा चुनाव में हेमंत सोरेन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने गमालियल हेम्ब्रम को मैदान में उतारा है।

गमालियल हेम्ब्रम का राजनीति में कदम कुछ समय पहले ही हुआ है। उन्होंने पांच साल पहले पारा टीचर की नौकरी छोड़कर राजनीति में अपनी किस्‍मत आजमाने का फैसला किया। गमालियल का परिवार भी राजनीति से जुड़ा हुआ है, उनकी पत्नी भी एक जनप्रतिनिधि हैं।

गमालियल हेम्ब्रम खेल के प्रति अपने गहरे लगाव के लिए भी जाने जाते हैं। वे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन करते हैं, जिसमें न केवल झारखंड बल्कि अन्य राज्यों और देशों के खिलाड़ी भी भाग लेते हैं।

गमालियल हेम्ब्रम ने वर्ष 2019 में भी हेमंत सोरेन के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। उस समय वे ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के टिकट पर चुनावी मैदान में थे। उनके चुनावी सफर ने उन्हें राज्य की राजनीति में एक पहचान दिलाई है और अब वह हेमंत सोरेन को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

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