Chhattisgarh News: जशपुर के पत्थलगांव सिविल अस्पताल में 32 लाख की डायलिसिस मशीन बनी शोपीस, मरीज परेशान

Chhattisgarh News: जशपुर के पत्थलगांव सिविल अस्पताल में 32 लाख की डायलिसिस मशीन बनी शोपीस, मरीज परेशान

जशपुर। जिले के दूसरी सबसे बड़ी सिविल अस्पताल पत्थलगांव में तकरीबन 32 लाख रुपये की डायलिसिस मशीन स्टोर में पड़े पड़े अपने उद्घाटन के इंतजार में है। लेकिन इस महत्वपूर्ण उपकरण की कोई सुध नहीं ले रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 6 महीने पूर्व में जशपुर जिले के पत्थलगांव सिविल अस्पताल को इस किडनी की बीमारी में उपयोग होने वाली मशीन की सौगात थी।

 लापरवाही शिकार हो रहे मरीज

लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से इस मशीन को कवर से ढकी इस को आज तक बाहर नहीं ही निकाला गया। क्षेत्र के किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को डायलिसिस कराने 100 किलोमीटर से ज्यादा का लम्बा सफर करना पड़ रहा है।

 डायलिसिस बनी शॉपीस

दअरसल, पत्थलगांव क्षेत्र में डायलिसिस से पीड़ित मरीजों की संख्या को बढ़ता देखते हुए स्थानीय लोगों ने अस्पताल में डायलिसिस मशीन की मांग की थी। जिसके बाद सूबे के मुखिया भुपेश बघेल ने करीब 32 लाख रुपये की डायलिसिस मशीन की सौगात नगरवासियों को दी थी। यह मशीन सिविल अस्पताल में अब भी रखी हुई है।

टेक्नीशियन के अभाव  में बंद पड़ी मशीन

अस्पताल में मशीन आए हुए करीब 6 माहीने गुजर चुके हैं। बताया गया है कि टेक्नीशियन के अभाव में इस मशीन का उपयोग अस्पताल प्रबंधन द्वारा नही किया जा रहा है। इस मशीन को लगाने के पीछे सोच थी कि गरीब मरीज जो किडनी की बीमारी से ग्रस्त है उन्हें यहां डायलिसिस की सुविधा मिलेगी।

 इलाज के लिए 110 किमी दूर जा रहे मरीज

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा अब नगरवासी भुगत रहे हैं। क्षेत्र के सैकडों किडनी मरीजों को उनके परिजन जशपुर से 110 किमी दूर अम्बिकापुर या रायगढ़ ले जा रहे हैं। ऐसे में गरीबों को परेशानी के साथ ही अतिरिक्त पैसा भी देना पड़ रहा है इलाज के लिए।

चिकित्सा अधिकारी ने कही ये बात

पत्थलगांव खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ जेम्स मिंज का कहना है कि पूर्व में संजीविनी का टीम विजिट कर मशीन की स्थिति  का बारे में जानकारी ले कर गई है 15 दिनों के अंदर मशीन की शुभारंभ किया जाएगा।

कॉलेज के कर्मचारियों को डेड़ साल से नहीं मिली सैलेरी

रायगढ़। जिले के एक मात्र इंजीनियरिंग कॉलेज किरोड़ीमल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर व कर्मचारियों को डेढ़ साल से बकाया वेतन भुगतान नहीं किया गया है। कॉलेज के प्रोफेसर और कर्मचारियों ने आज अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर विधायक प्रकाश नायक के कार्यालय का घेराव किया साथ ही इस दौरान कर्मचारियों ने विधायक को ज्ञापन भी सौंपा है।

बंद की कगार पर पहुंचा किरोड़ीमल कॉलेज

किरोड़ीमल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलेज शासन की अनदेखी की वजह से बंद होने के कगार पर आ गया है। कॉलेज के प्रोफेसर व कर्मचारियों को पिछले 16 माह से वेतन भी नही मिला है। वेतन भुगतान व शासकीय महाविद्यालय के अनुरूप फीस व अन्य सुविधाएं देने सहित 5 सूत्रीय मांग को लेकर कर्मचारी पिछले एक महीने से हड़ताल पर है।

पांच सूत्रीय मांग को लेकर किया प्रदर्शन

प्रोफेसर व कर्मचारियों ने आज गांधी प्रतिमा चौक से पैदल मार्च करते हुए विधायक कार्यालय पंहुच कर विधायक प्रकाश नायक को ज्ञापन सौपते हुए उनकी मांगों को शासन स्तर तक पंहुचाने के लिए निवेदन किया। कर्मचारियों का कहना है कि अर्धशासकीय महाविद्यालय में उच्च शिक्षा व तकनीकी मंत्री बोर्ड के अध्यक्ष है और विधायक व कलेक्टर सदस्य है लेकिन कोई भी उनकी सुध नही ले रहा है।

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