जानना जरूरी है: '6174' को 'जादुई नंबर' क्यों कहा जाता है?, जानिए क्या है इसके पीछे का राज

जानना जरूरी है: '6174' को 'जादुई नंबर' क्यों कहा जाता है?, जानिए क्या है इसके पीछे का राजjanna zaroori hai: Why is '6174' called 'Magical Number'?, Know what is the secret behind it nkp

जानना जरूरी है: '6174' को 'जादुई नंबर' क्यों कहा जाता है?, जानिए क्या है इसके पीछे का राज

नई दिल्ली। आपने कभी मैजिकल नंबर के बारे में सुना है? ज्यादातर लोग इस नंबर को नहीं जानते हैं। लेकिन आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि सामान्य से दिखने वाले इस नंबर (6174) को मैजिकल नंबर का दर्जा दिया गया है। हालांकि कई लोग इस नंबर को देखकर अभी भी सोच रहे होंगे कि आखिर इसमें ऐसा क्या है कि इसे मैजिकल नंबर कहा जाता है?

आज तक इस पहेली को किसी ने हल नहीं किया

दरअसल, इस नंबर की पहेली को 1949 से लेकर आज तक कोई भी गणितज्ञ नहीं सुलझा पाया है। इसी कारण से इसे मैजिकल नंबर का दर्जा दिया गया है। गणित की दुनिया में जब भी इस नंबर का प्रयोग किया गया है, अच्छे-अच्छे एक्सपर्ट की जुबां बंद हो जाती है। मालूम हो कि (1674) को अंग्रेजी में 'काप्रेकर कॉन्सटेंट' भी कहते हैं। क्योंकि इसका नामकरण भारत के महान गणितज्ञ डॉ. रामचंद्र काप्रेकर के नाम पर किया गया है।

एक प्रयोग ने दुनिया को दिया मैजिकल नंबर

डॉ. काप्रेकर का पूरा नाम दत्तात्रेय रामचंद्र काप्रेकर था, जिन्हें संख्याओं को लेकर प्रयोग करने का बेहद शौक था। वे अलग-अलग संख्याओं के साथ प्रयोग करते रहते थे। काप्रेकर मुंबई के एक छोटे से कस्बे में गणित पढ़ाया करते थे। जहां उन्होंने गणित की संख्याओं के साथ प्रयोग करते-करते एक दिन दुनिया को ऐसा नंबर दिया कि लोग उसे मैजिकल नंबर के नाम से जानने लगे। काप्रेकर ने वर्ष 1949 में हुए एक गणित सम्मेलन में इन चार संख्याओं को दुनिया के सामने रखा था।

भारतीय गणितज्ञों ने खारिज कर दिया

हालांकि, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इस मैजिकल नंबर की खोज को भारतीय गणितज्ञों ने खारिज कर दिया था, लेकिन वही दुनिया के कई गणितज्ञों ने इस नंबर पर गहन शोध किया और लोगों के सामने रोचक जानकारी रखी। आज के समय में काप्रेकर की खोज पर भारत समेत दुनिया भर के देशों में काम किया जा रहा है। आइए जानते हैं कैसे काम करता है यह मैजिक नंबर?

ऐसे काम करता है मैजिक नंबर

इसके लिए सबसे पहले आपको अपने मन से कोई भी चार संख्या चुननी है। शर्त ये है कि चार नंबर में कोई भी नंबर दोबारा नहीं आना चाहिए। उदाहरण के लिए 1234 लेते हैं। सबसे पहले इन्हें बढ़ते क्रम में 1234 लिखते हैं। फिर घटते क्रम में 4321 लिखते हैं। अब बड़ी संख्या को छोटी संख्या यानी कि 4321 से 1234 को घटा दें तो हमें नई संख्या 3087 मिलेगी। अब 3087 को भी बढ़ते और घटते क्रम में लिखते हैं। बढ़ता क्रम 8730 होगा और घटता क्रम 0378 होगा। अब 8730 में से 0378 को घटा दें तो 8352 मिलेगा। अब इसके भी बढ़ते क्रम में से घटते क्रम (8532-2358) को माइनस कर दें तो हमें 6174 मिलेगा।

अंत में 6174 ही मिलेगा

यहां 6174 का बढ़ता क्रम 7641 होगा जबकि घटता क्रम 1467 होगा। बड़ी संख्या में से छोटी संख्या को घटा दें तो हमारे सामने नई संख्या 6174 होगी। यही वो चमत्कारी संख्या है। यानी कि जितना भी जोड़ घटाव कर लें, अंत में 6174 ही मिलेगा। अगर आपको लगता है कि 1234 के साथ यह कोई महज संयोग है तो कोई दूसरी संख्या के साथ भी प्रयोग दोहरा सकते हैं। आपको अंत में फिर वही चमत्कारी संख्या 6174 मिलेगी। आप किसी भी चार संख्या के बढ़ते क्रम को घटते क्रम की संख्या से घटा दें तो यही चमत्कारी संख्या मिलती है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article