जानना जरूरी है: कमजोर हो रहे कोरोना संक्रमण से क्यों परेशान हैं डॉक्टर, जानिए तीसरी लहर के बारे में क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

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नई दिल्ली। देश में कोरोना की रफ्तार पहले की तुलना में काफी धीमी हो गई है। लोग मान रहे हैं कि वायरस कमजोर हो रहा है। लेकिन वायरस से जुड़े विशेषज्ञों की मानें, तो वैक्सीनेशन के कारण ऐसा संभव हो पाया है। लेकिन अभी भी वायरस के म्यूटेंट होकर और घातक होने की आशंका बनी हुई है। यही कारण है कि विशेषज्ञ, खासकर सितंबर तक लापरवाही बिल्कुल नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।

कोरोना के कमजोर होने से विशेषज्ञ चिंतित

वहीं अगर देश में कोरोना के सीटी वैल्यू और आर नॉट वैल्यू की बात करें तो यह 0.60 से भी नीचे आ गयी है। ऐसे में साफ है कि कोरोना बेहद कमजोर हो गया है। लेकिन विशेषज्ञ बेहद कमजोर होते कोरोना संक्रमण से भी चिंतित है। उनका मानना है कि कोरोना के पॉजिटिव केस बेहद कम जरूर हो गए हैं, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि कोरोना पूरी तरह से खत्म हो गया है। क्योंकि दूसरी लहर में भी यही हुआ था और सभी को लगा था कि कोरोना खत्म हो गया है पर होली के बाद के कहर को सबने देखा। ऐसे में कोरोना प्रोटोकॉल और मास्क का अनिवार्य रूप से पालन करना ही होगा।

इससे संक्रमण की गति धीमी हो जाती है

वायरोलॉजिस्ट डॉ. शाहिद जमील के अनुसार कोरोना संक्रमण पाबंदियों के बाद धीमें पड़ता है। लेकिन केस घटने ही सबकुछ पहले जैसा खोल दिया जाता है। जबकि लहर के दौरान कई ऐसे लोग होते हैं जिनका संक्रमण पकड़ में नहीं आता। लेकिन जैसे ही वो सोशल गैदरिंग में मिक्स होते हैं संक्रमण फिर से बढ़ने लगता है। इसके अलावा लहर के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार है वायरस का म्यूटेंट जो कुछ घरेलू है तो कुछ बाकि देशों से आए लोगों के कारण तेजी से संक्रमित करता है।

म्यूटेशन के बाद ताकतवर हो जाता है वायरस

वायरस म्यूटेशन के बाद और ताकतवर हो जाता है। जैसे-दूसरी लहर में डबल म्यूटेंट वायरस और नए स्ट्रेन को लहर के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना गया। नए स्ट्रेन से युवा आबादी, बच्चों में भी संक्रमण के केस पाए गए। एक्सपर्ट की माने तो कोरोना की रफ्तार घटने के बाद भी लोगों को बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। जिसमें मास्क पहनना और हाथ को धोते रहना प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा सरकार, पब्लिक हेल्थ नियमों को जमीनी सत्र पर लागू करे। तभी हम इस महामारी को रोक सकते हैं।

लापरवाही करते रहे तो तीसरी लहर को आने से कोई नहीं रोक सकता

कोविड टास्क फोर्स के मेंबर डॉ. वीएन शाह की मानें तो पहले की तुलना में नए वैरिएंट का कोरोना 4 से 6 गुणा ज्यादा तेजी से फैलता है। हालांकि टीकाकरण के कारण इसकी रफ्तार कम जरूर होगी। लेकिन अगर हम लापरवाही करते रहे तो तीसरी लहर को आने से कोई नहीं रोक सकता।

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