जानना जरूरी है: नीदरलैंड पुलिस हमेशा अपने पास रखती है टेडी बियर, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह?

जानना जरूरी है: नीदरलैंड पुलिस हमेशा अपने पास रखती है टेडी बियर, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह? Janna Zaroori Hai: Netherlands Police always keeps a teddy bear with them, know what is the reason behind it? NKP

जानना जरूरी है: नीदरलैंड पुलिस हमेशा अपने पास रखती है टेडी बियर, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह?

नई दिल्ली। भारत में पुलिस विभाग को इज्जत की नजर से नहीं देखा जाता, माना जाता है कि हमेशा पुलिस हमें परेशान ही करती है। लेकिन यह सच नहीं है। पुलिस के लोग दिन- रात की परवाह किए बना अपनी ड्यूटी करते हैं और तभी हमारी सुरक्षा सुनिश्चित हो पाती है। हमारी सुरक्षा की गारंटी के लिए पुलिस के पास पिस्टल, डंडा और हथकड़ी जैसी जरूरी चीजें होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नीदरलैंड की पुलिस इस मामले में बाकी देशों की पुलिस से अलग है। यहां की पुलिस के पास बाकी जरूरी चीजों के साथ-साथ एक टेडी बियर भी होता है।

ज्यादातर लोग इस चीज को नहीं जानते होंगे, जो जानते भी होंगे उन्हें ये पता नहीं होगा कि आखिर नीदरलैंड की पुलिस ऐसा क्यों करती है। तो चलिए जानते हैं कि नीदरलैंड की पुलिस ऐसा क्यों करती है?

इस कारण से पुलिस देती है टेडी बियर

नीदरलैंड की पुलिस अपनी कार में हमेशा एक टेडी बियर रखती है। ये उनका अहम सामान है, जिसे वो कभी अपनी कार में रखना नहीं भूलते। इस टेडी बियर को उन बच्चों को दिया जाता है, जो मुश्किल वक्त में हैं या उनका कोई अपना किसी दुर्घटना का शिकार हुआ है। नीदरलैंड में इन टेडी बियर्स को ट्रॉमा बियर्स भी कहा जाता है। कई अन्य देशों में भी इससे प्रेरणा लेकर इस व्यवस्था को शुरू किया गया है।

ऐसे हुई शुरूआत

कुछ साल पहले कुछ डच पुलिस अधिकारी दो बच्चों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे, जो एक एक्सीडेंट का शिकार हो गए थे। उनके परिवार के सभी सदस्य लगभग ठीक थे, लेकिन बच्चे काफी डर गए थे। ऐसे में पुलिस अधिकारियों ने जब उन्हें टेडी बियर दिया, तब जाकर बच्चे शांत हुए। इसके बाद ऐसी परिस्थितियों में अपने फर्ज को बेहतर तरीके से निभाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने हमेशा पुलिस जीप या पुलिस कार में टेडी बियर रखे जाने का नियम बना दिया।

कार में डेडी बियर रखने की शुरूआत

पुलिस या फायरफाइटर्स कार में डेडी बियर रखने की शुरूआत सन् 1969 में हुई थी। रॉबर्ट हेंडरसन और जेम्स थियोडोर ओनबे ने इस ट्रेंड की शुरूआत की थी। उनका आइडिया था कि जो बच्चे मुश्किल या आपात स्थिति में फंसे हों, उन्हें शांत करने या अच्छा महसूस कराने के लिए टेडी बियर दिया जाना चाहिए। इस आइडिया के साथ ही उन्होंने दुनिया भर में प्यार और खुशी फैलाने के लिए 'गुड बियर्स ऑफद वर्ल्ड' नाम से एक संस्ता भी बनाई। सन् 1980 में इसी संस्था के द्वारा पुलिस डिपार्टमेंट्स को टेडी बियर दिया जाना शुरू किया गया। अबतक इस संस्था के द्वारा हजारों की संख्या में टेडी बियर डोनेट किए जा चुके हैं।

जानकार क्या कहते हैं?

जानकारों की मानें तो एक्सीडेंट या किसी अन्य तरह की दुर्घटना में बच्चों की मानसिक सेहत पर काफी बुरा असर पड़ता है। ऐसे में उन्हें प्यार और सुरक्षित महसूस कराने के लिए टेडी बियर दिया जाना अच्छी पहल है। यूरोपीय देश एस्टोननिया में भी बच्चों को टेडी बियर दिए जाते हैं। वहां अलग से एक संस्था ट्रॉमामोमिक काम करती है। जो हर पुलिस कार में टेडी बियर रखती है। यही नहीं वहां बाल अधिकार दिवस को उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है और उस दिन हर बच्चे को टेडी बियर गिफ्ट किया जाता है।

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