जानना जरूरी है: 15 अगस्त को भारत के साथ ये पांच देश भी मनाते हैं आजादी का जश्न, जानिए क्या है इसके पीछे का कारण

जानना जरूरी है: 15 अगस्त को भारत के साथ ये पांच देश भी मनाते हैं आजादी का जश्न, जानिए क्या है इसके पीछे का कारण

नई दिल्ली। इस बार 15 अगस्त को देश अपनी 75वीं वर्षगांठ मनाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त को सिर्फ भारत ही आजादी का जश्न नहीं मनाता, बल्कि भारत के साथ-साथ 5 और देश हैं, जो अपनी आजादी का जश्न 15 अगस्त को ही मनाते हैं। आइए आज हम आपको उन 5 देशों के बारे में बताते हैं जो 15 अगस्त को भारत की तरह अपनी आजादी का जश्न मनाते हैं।

1-2. दक्षिणी कोरिया और उत्तरी कोरिया

भारत के आजाद होने से दो साल पहले 15 अगस्त 1945 को दक्षिण कोरिया जापान से आजाद हुआ था। अमेरिका और सोवियत सेना ने कोरिया को जापान से आजाद कराया था। आजादी के बाद इसका नाम कोरिया इसलिए पड़ा क्योंकि कभी यहां कोर-यो वंश का राज्य था। हालांकि जापानी इसे चोसेन कहा करते थे। जिसका शाब्दिक अर्थ है सुबह की ताजगी का देश। कोरिया कभी बार बाहरी आक्रमण से त्रस्त हुआ। फलत: इसने अनेक शताब्दियों तक राष्ट्रीय एकांतिकता की भावना अपनाना श्रेयस्कर माना। यही कारण है कि इसे दुनिया में 'यती देश' के नाम से भी जाना जाता है। आजादी के चार साल बाद अगस्त 1948 में दक्षिणी भाग में कोरिया गणतंत्र तथा सितंबर 1948 में उत्तरी कोरिया में कोरियाई जनतंत्र की स्थापना हुई। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल और उत्तर कोरिया की पियांगयांग बनाई गई। 1953 की पारस्परिक संधि के अनुसार अक्षांश को विभाजन रेखा मानकर इन्हें अब उत्तरी तथा दक्षिणी कोरिया कहा जाने लगा है।

3. बहरीन

15 अगस्त 1971 को बहरीन ने ब्रिटेन से आजादी हासिल की थी। हालांकि, ब्रिटिश फौजें 1960 के दशक से ही बहरीन को छोड़ने लगी थी। लेकिन 15 अगस्त 1971 को बहरीन और ब्रिटेन के बीच एक संधि हुई थी, जिसके बाद बहरीन को आजाद देश के रूप में जाना जाने लगा। हालांकि बहरीन अपना नेशनल हॉलीडे 16 दिसंबर को मनाता है। क्यों कि इस दिन बहरीन के शासक इसा बिन सलमान अल खलीफा ने बहरीन की गद्दी हासिल की थी।

4. कांगो

कांगो एक अफ्रीकी देश है और यह 15 अगस्त 1960 को फ्रांस के चंगुल से आजाद हुआ था। आजादी के बाद इसे रिपब्लिक ऑफ कांगो के नाम से जाना जाता है। बतादें कि 1880 से ही कांगो पर फ्रांस का कब्जा था। इस कारण से इसे फ्रेंच कांगो के नाम से भी जाना जाता है। कांगो की अगर क्षेत्रफल की बात करें तो यह अफ्रीका महाद्वीप में तीसरा सबसे बड़ा देश है। और विश्व का 11वां सबसे बड़ा देश है। कांग्रों में सबसे ज्यादा लोग फ्रांसीसी भाषा बोलते हैं।

5. लीख़्टेंश्टाइन

लीख़्टेंश्टाइनने 15 अगस्त 1866 को जर्मनी से आजादी हासिल की थी और 1940 से ये 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के तौर पर मना रहा है। वास्तव में यह पश्चिमी यूरोप में स्थित एक छोटा लैंडलॉक देश है। महज 160 वर्ग किमी (करीब 61.7 वर्ग मील) वाले इस देश की आबादी करीब 35,000 है। यह दुनिया का इकलौता जर्मनभाषी राज्य है, जिसकी सीमा जर्मनी से नहीं मिलती है। पर्वतीय भू-संरचना की वजह से लीख़्टेंश्टाइन विंटर गेम्स के लिए लोकप्रिय स्थल है। मजबूत वित्तीय व्यवस्था वाले इस देश को कर के मामले में स्वर्ग माना जाता है।

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