जानना जरूरी है : क्या है बिजली गिरने का वैज्ञानिक कारण, बिजली कड़कने पर अपनाए 30-30 का फॉर्मूला

जानना जरूरी है : क्या है बिजली गिरने का वैज्ञानिक कारण, बिजली कड़कने पर अपनाए 30-30 का फॉर्मूला

नई दिल्ली। बारिश का मौसम (Lightning) शुरू हो चुका है। इसी के JANNA JARURI HAI साथ ही कई जगहों के बिजली गिरने और चमकने की घटनाएं और खबरें भी सामने आने लगी हैं। हाल ही में (Cloud) गुना में आकाशीय बिजली गिरने से 2 युवकों की मौत हो गई हैं। ऐसे में आपको पता होना चाहिए। कि बिजली गिरने का वैज्ञानिक कारण क्या है। साथ ही अगर बिजली गिरने की कंडीशन में आपको क्या करना चाहिए।

क्यों गिरती है बिजली —
बादल (Cloud) जल के बहुत बारीक़ कणों या जल के क्रिस्टल के रूप में होते है जिसमे नमी होती है। जब हवा और इन जल कणों के बीच घर्षण (Friction) होता है तो इस घर्षण के कारण यह कण आवेशित(Charged) हो जाते है यानि जलकण चार्ज हो जाते है। बादलो के कुछ समूह धनात्मक (Positive) तो कुछ समूह ऋणात्मक (Negative) आवेशित होते है धनात्मक और ऋणात्मक आवेशित बादल जब एक दुसरे के समीप आते है तो टकराने से बहुत जोर से आवाज आती है और हाई वोल्टेज(High Voltage) की बिजली भी उत्पन्न होती है।

ऐसे उत्पन्न होती है बिजली — (Lightning)
वैज्ञानिकों के अनुसार जब बादल आपस में टकराते है तो इससे हवा में विद्युत धारा(Electric current) का प्रवाह गतिमान हो जाता है, विद्युत धारा के प्रवाहित होने से रोशनी की तेज चमक पैदा होती है आकाश में यह चमक 2 से 3 किलोमीटर की ऊचाई पर ही उत्पन्न होती है, जिसे आकाशीय बिजली(Lightning)कहते है। इस चमक के उत्पन्न होने के बाद हमें बादलो की गरज(Thunder) सुनाई देती है।

बिजली चमकने के बाद क्यों गरतते हैं बादल (Thunder Of Clouds) –
जब विद्युत धारा हवा में प्रवाहित होती है तो बड़ी मात्रा में गर्मी उत्पन्न होती है। जिसके कारण हवा में गर्मी आने से यह अत्यधिक तेजी से फैलता है। इससे लाखों करोड़ों अणु आपस में टकराते है। इन अणुओं के आपस में टकराने के कारण ही गरज की आवाज उत्पन्न होती है।

क्यों गरज सुनाई देती है –
साइंस के अनुसार ऐसा इसलिए होता है। कि प्रकाश की गति ध्वनि की गति से अधिक होती है। जिसके कारण बिजली की चमक हमें पहले दिखाई देती है। जबकि ध्वनि की गति प्रकाश की गति से कम होने के कारण बादलो की गरज हमें उसके बाद सुनाई देती है।

बिजली से जुड़े कुछ फैक्ट —

बारिश की बिजली से बचने के उपाय —

कोशिश करें कि बारिश के मौसम में खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों या किसी ऊंचे स्तंभ के पास न जाएं। यहां बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है।
बिजली कड़कने के दौरान बिजली संचालित उपकरणों का तुरंत बंद कर दें।
टेलीफोन, मोबाइल, इंटरनेट का उपयोग न करें।
खिड़की दरवाजों को अच्छे से बंद कर लें।
बिजली का सुचालक वाली वस्तुएं जैसे लोहा, धातु आदि पास न रखें।
खुली छत पर न जाएं।
धातु के पाइप, नल, फव्वारे इत्यादि से दू रहें।
बिजली कड़कड़ाने के दौरान धातु से बनी चीजों के पास न खड़े हों। तारों से दूर रहें।
जमीन के सीधे संपर्क से बचें। खाट या फिर बेड्स पर रहें।

ऐसे पता चलेगा बिजली लगेगी या न​हीं
अगर आपको भी पता लगाना है कि बिजली आपको लगेगी या नहीं इसका सीधा और बड़ा ही आसान तरीका है। खराब मौसम में बाहर जाने पर जब भी घर से बाहर जाएं या घर के अंदर रहें। अगर आपके सिर के बाल खड़े हो जाएं और त्वचा में झुनझुनी आने लगे तो बिना देरी के तुरंत समझ जाएं कि आप बिजली की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में तुरंत नीचे झुककर हाथों से अपने कानों को बंद कर लें।

बिजली कड़कने पर अपनाए 30-30 का फॉर्मूला —
बारिश का मौसम आफत भी साथ लाता है। अमेरिकी स्वास्थ्य संस्था CDC के मुताबिक ऐसे में मौसम में बिजली कड़कने के दौरान 30-30 का नियम अपनाना चाहिए। जैसे ही बिजली कड़कने या दिखने लगे तुरंत 30 तक की गिनती करते हुए किसी छोटी इमारत के अंदर छिप जाएं। सभी काम 30 मिनट के लिए रोक दें। इस दौरान 30 मिनट तक के लिए किसी भी प्रकार के गैजेट का उपयोग न करें।

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