Janmashtami 2021: इस दिन मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली।  कृष्ण भक्तों को हर साल जन्माष्टमी के पर्व का बेसब्री से इंतजार रहता है। भागवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी का पर्व पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता। जन्माष्टमी का पर्व पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को हुआ था तभी से ही यह दिन कृष्ण जन्मोत्सव के रूप मानाया जाने लगा। इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा। कृष्ण भक्त इस पर्व को श्रद्धा के साथ मनाते हैं और भगवान कृष्ण की आराधना करते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की विषेश तरह की पूजा की जाती है। कृष्ण भक्त इस दिन व्रत भी करते हैं। कृष्ण जन्माष्टमी का सनातन धर्म में बहुत महत्व माना जाता है। तो आइए जानते हैं इस पर्व का क्या महत्व है।

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व
कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व का बहुत महत्व है। सनातन धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन जो भी भक्त भगवान कृष्ण की आराधना करते हैं उनकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है। इस पर्व पर व्रत रखने का भी महत्व माना जाता है। मान्यता है कि जिन लोगों का चंद्रमा कमजोर है अगर वह कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखते हैं तो उनकी सभी तकलीफें दूर होती हैं। इस दिन को कृष्ण भगवान के जन्मोहत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण को झूला झुलाने की भी परंपरा है। लोग श्री कृष्ण के लिए तरह-तरह के झूले तैयार करते हैं और कृष्ण जन्माष्टमी के दिन रात्रि 12 बजे भगवान को झूला झुलाया जाता है। वैसे तो कृष्ण जन्माष्टमी का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन इस दिन पूजा करने के कुछ शुभ मुहूर्त भी बताए गए हैं। इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त को मानाया जाएगा। तो आइए जानते हैं इस दिन पूजा के शुभ मुहूर्त

कृष्ण जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार के अनुसार इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 30 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा।

अष्टमी प्रारम्भ तिथि : – अगस्त 29, 2021 रात 11:25

अष्टमी तिथि समापन: – अगस्त 31, 2021 सुबह 01:59

रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ समय: अगस्त 30, 2021 सुबह 06:39

रोहिणी नक्षत्र समापन समय: अगस्त 31, 2021 सुबह 09:44

निशित काल: – 30 अगस्त रात 11:59 से लेकर सुबह 12:44

अभिजित मुहूर्त: – सुबह 11:56 से लेकर रात 12:47

गोधूलि मुहूर्त: – शाम 06:32 से लेकर शाम 06:56

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