Jabalpur Poster Controversy: जबलपुर में विवादास्पद पोस्टर जब्त, लिखा...दूध शाकाहार नहीं है, तीन मजदूर हिरासत में

Jabalpur Poster Controversy: जबलपुर पुलिस ने विवादित “MILK IS NOT VEGETARIAN” पोस्टर जब्त कर तीन युवकों को हिरासत में लिया। दीपोत्सव से पहले बढ़ा शहर में तनाव।

Jabalpur Poster Controversy

Jabalpur Poster Controversy

हाइलाइट्स

  • गौरीघाट में विवादास्पद पोस्टर जब्त
  • तीन युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया
  • दिवाली से पहले शहर में तनाव

Jabalpur Poster Controversy: जबलपुर के गौरीघाट क्षेत्र में "MILK IS NOT VEGETARIAN (दूध शाकाहार नहीं है)" लिखे पोस्टर लगाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की और पोस्टर जब्त कर तीन युवकों को हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि भोपाल की एक विज्ञापन एजेंसी ने रामपुर से गौरीघाट तक मजदूरों के जरिए यह पोस्टर लगवाए थे।

शनिवार देर रात करीब 1-2 बजे के बीच सीएसपी महादेव नगोतिया और थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल को इसकी सूचना मिली। मौके पर पुलिस ने देखा कि एक छोटा हाथी वाहन में पोस्टर रखे हुए थे और तीन युवक सड़क किनारे पोस्टर चिपका रहे थे। जब उनसे नगर निगम की अनुमति मांगी गई, तो कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके।

पोस्टर लगाने वालों की पहचान

पोस्टर लगाने वाले युवकों में से एक ने अपना नाम राजेश अहिरवार बताया, जो भोपाल के कोलार क्षेत्र का निवासी है। उसने कहा कि उन्हें यह काम विपुल पांडे नामक व्यक्ति ने दिया था, जो भोपाल की प्रिंस इंटरप्राइजेस कंपनी का मालिक है। पुलिस ने युवकों के पास से 50 से अधिक पोस्टर जब्त किए। युवकों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्होंने फ्लाईओवर ब्रिज के उद्घाटन के समय भी पोस्टर लगाए थे।

पोस्टर की सामग्री और विवाद

पोस्टर में लिखा था:
"MILK IS NOT VEGETARIAN, दूध शाकाहार नहीं है। भारत दुनिया में बीफ के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है - और अधिक जानने के लिए 'मां का दूध' यूट्यूब पर देखें।"
पोस्टर पर प्रकाशक या कंपनी का नाम नहीं था, जिससे इसकी प्रामाणिकता और उद्देश्य पर सवाल उठ रहे हैं।

दिवाली से पहले बढ़ा तनाव

गौरीघाट में रविवार शाम को दीपोत्सव 2025 का आयोजन होना है, जिसमें हजारों लोग जुटेंगे। इसी रूट पर मंत्रीगण और जनप्रतिनिधियों के स्वागत मंच भी लगाए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि इस तरह के विवादास्पद पोस्टर शहर की फिजा बिगाड़ने और जनता को भ्रमित करने की कोशिश माने जा रहे हैं।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने गाड़ी, पोस्टर और तीनों युवकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह पता चला कि आरोपी पोस्टर लगाने का काम ठेके पर कर रहे थे। उनसे यह भी पूछताछ की जा रही है कि दीपावली जैसे पवित्र पर्व के मौके पर पोस्टर लगाने का मकसद क्या था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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