जबलपुर जॉय स्कूल केस: संचालक अखिलेश और सचिव अनुराग श्रीवास्तव को जेल, 25 करोड़ की अवैध फीस वसूली का मामला

Jabalpur School News: जबलपुर के विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक और अध्यक्ष अखिलेश मेबिन को पुलिस ने

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Jabalpur School News: जबलपुर के विजय नगर स्थित जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालक और अध्यक्ष अखिलेश मेबिन को पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में पेश किया था।

आपको बता दें कि यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उनकी रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायालय ने उन्हें जेल (Joy School Case) भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने इस दौरान स्कूल परिसर की जांच की, जिसमें उन्हें मेबिन के चेम्बर के पीछे एक अलग कमरा भी मिला।

कोषाध्‍यक्ष है फरार

मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित जॉय स्कूल द्वारा 25 करोड़ रुपए अवैध तरीके से फीस वसूली के मामले में स्कूल संचालक अखिलेश मेबिन और सचिव अनुराग श्रीवास्तव को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आरोपी बनाई गई कोषाध्यक्ष कविता बलेचा फरार है।

ये था पूरा मामला (Jabalpur School News)

आपको बता दें कि साल 2017-18 से अब तक स्कूल ने कुल 25 करोड़ 21 लाख रुपए से ज्यादा की अतिरिक्त फीस वसूली। पुलिस ने तीन दिन पहले स्कूल के मालिक (Joy School Case) और सचिव को गिरफ्तार किया था।

मनमानी फीस वसूली और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ कलेक्टर दीपक सक्सेना (Jabalpur News) ने कार्रवाई की थी, जिसके तहत विजय नगर थाने में जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त फीस लौटाने का निर्देश भी स्कूल को दिया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में झूठी जानकारी देने का खुलासा भी हुआ था।

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जॉय स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जांच में निकले बिंदु (Jabalpur School News)

ऑडिट रिपोर्ट का अभाव: स्कूल प्रबंधन ने ऑडिट रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया।

फीस वृद्धि प्रस्ताव: पिछले पांच वर्षों में फीस वृद्धि का कोई प्रस्ताव पेश नहीं किया गया।

अनाधिकृत फीस वृद्धि: जिला या राज्य समिति की सहमति के बिना 10 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई गई।

नई किताबें: वर्ष 2021-22 से लेकर अब तक (Jabalpur News) बिना किसी ठोस कारण के नई किताबें कोर्स में जोड़ी गईं, जिसका सीधा असर अभिभावकों की जेब पर पड़ा।

फर्जी आईएसबीएन: कुल 106 किताबों में से 13 किताबों के आईएसबीएन फर्जी पाए गए और स्कूल द्वारा चुनी गई 12 प्रतिशत किताबों में भी फर्जी आईएसबीएन दर्ज है।

महंगी खरीददारी: स्कूल ने साल 2017-18 से वर्तमान सत्र तक महंगी कारें खरीदीं और विदेश यात्राएं कीं।

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