RBL बैंक के टास्क मैनेजर पर FIR: जबलपुर में हुई करोड़ों की धोखाधड़ी, सेविंग्‍स अकाउंट को करंट में बदला, जानें पूरा मामला

Madhya Pradesh Jabalpur Indore RBL Bank Task Manager Fraud Case: मध्य प्रदेश के जबलपुर में मदन महल थाने में स्मार्ट सिटी जबलपुर द्वारा आरबीएल (RBL) बैंक विजय नगर शाखा, इंदौर के टास्क मैनेजर कुमार मयंक के खिलाफ एफआईआर

Jabalpur Indore RBL Bank Manager Fraud Case Saving Current Account

Indore RBL Bank Manager Fraud

Indore RBL Bank Manager Fraud: मध्‍य प्रदेश के जबलपुर में मदन महल थाने में स्मार्ट सिटी जबलपुर द्वारा आरबीएल (RBL) बैंक विजय नगर शाखा, इंदौर के टास्क मैनेजर कुमार मयंक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इस मामले में जबलपुर पुलिस की एक टीम जल्द ही इंदौर पहुंचकर मैनेजर कुमार मयंक से पूछताछ करेगी।

जानें पूरा मामला

आपको बता दें कि मैनेजर कुमार मयंक पर आरोप है कि उन्होंने स्मार्ट सिटी को वित्तीय हानि पहुंचाते हुए धोखाधड़ी की है। स्मार्ट सिटी के प्रशासनिक अधिकारी रवि राव ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस को बताया कि 2022 में आरबीएल बैंक इंदौर के कुछ प्रतिनिधि जबलपुर स्मार्ट सिटी ऑफिस आए थे।

इस दौरान उन्होंने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों को बचत खातों पर 6.25 प्रतिशत की ब्याज दर देने का प्रस्ताव दिया था, जिसके बाद स्मार्ट सिटी ने बैंक में खाता खुलवाया। अब इस धोखाधड़ी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस कुमार मयंक से पूछताछ करने इंदौर जाएगी।

स्मार्ट सिटी को मिला कम व्‍याज

स्मार्ट सिटी ने आरबीएल बैंक में 20 करोड़ रुपए जमा किए थे, लेकिन बाद में यह सामने आया कि बैंक द्वारा उपलब्ध करवाया गया ब्याज का विवरण फर्जी था।

स्मार्ट सिटी को मिलने वाला ब्याज करीब 1 करोड़ 31 लाख 23 हजार रुपए होना चाहिए था, लेकिन दस्तावेज में यह राशि केवल 56 लाख रुपए दिखाई गई।

इस मामले की शिकायत पर मदनमहल थाने में आरबीएल बैंक के टास्क मैनेजर कुमार मयंक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।

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आरबीएल बैंक पर लगे कई गंभीर आरोप

बचत खाते का चालू खाते में बदलना: जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड का बचत खाता बिना अनुमति के चालू खाते में बदल दिया गया, जिससे लगभग 1 करोड़ 32 लाख रुपए की वित्तीय क्षति हुई।

ब्याज की राशि और गबन: बैंक ने गबन की गई राशि से ब्याज की राशि दी और इसके बदले फर्जी प्रमाणपत्र प्रदान किए, जिससे जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड से धोखाधड़ी की गई।

CSR फंड का दुरुपयोग: जो विकास कार्य कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत 27 लाख रुपए से किया जाना था, उसे अवैध रूप से गबन की गई राशि से पूरा किया गया।

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