डिजिटल अरेस्ट कर 68 लाख की ठगी केस में MP हाईकोर्ट सख्त: आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, जानें मामला

Bail Petition Rejected: जबलपुर हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के आरोपियों को राहत देने से इनकार करते उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी विशाल और यशपाल भट्ट ने डिजिटल अरेस्ट कर 68 लाख से ज्यादा की ठगी की थी। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए आरोपियों की जमानत खारिज की।

डिजिटल अरेस्ट कर 68 लाख की ठगी केस में MP हाईकोर्ट सख्त: आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, जानें मामला

हाइलाइट्स

  • साइबर ठगी के आरोपी विशाल और यशपाल को जमानत नहीं
  • साइबर ठगी के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज
  • डिजिटल अरेस्ट कर 68.49 लाख की ठगी का मामला

Jabalpur High Court Bail Petition Rejected: मध्य प्रदेश में जबलपुर हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के आरोपी विशाल और यशपाल भट्ट की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर भोपाल निवासी मनोज भुरारिया से 68.49 लाख रुपए की ठगी की थी। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए आरोपियों की जमानत खारिज कर दी।

कोर्ट ने गंभीरता से लिया मामला

जबलपुर हाईकोर्ट में शुक्रवार को साइबर ठगी के आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने इस मामले को गंभीर मानते हुए राजस्थान निवासी आरोपी विशाल और यशपाल भट्ट की जमानत याचिका खारिज कर दी है। राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता सीएम तिवारी ने जमानत अर्जियों को लेकर विरोध जताया, उन्होंने दलील दी कि यह मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है। इसलिए इन आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

आरोपियों के खिलाफ भोपाल में दर्ज है केस

कोर्ट को बताया बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच, भोपाल ने अपराध पंजीबद्ध किया है। ठगी का शिकार हुए भोपाल निवासी मनोज भुरारिया ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज की शिकायत कराई थी। इस शातिर आरोपियों ने पूर्व विधायक नवाब मलिक के मनी लांड्रिंग केस से आधार कार्ड जुड़ा होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी को अंजाम दिया था।

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डिजिटल अरेस्ट कर 68 लाख से ज्यादा की ठगी

आरोप है कि राजस्थान के रहने वाले विशाल और यशपाल भट्ट ने भोपाल के मनोज भुरारिया को वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर ठगी को अंजाम दिया था। आरोपियों की ओर से सुनियोजित तरीके से साइबर ठगी की गई है। कॉल करके डर दिखाया गया मनोज का आधार कार्ड पूर्व विधायक नवाब मलिक के मनी लांड्रिंग केस से जुड़ा है। इसके साथ ही फर्जी FIR भेजी गई। इसके साथ ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। इसके बाद शातिर ठगों ने कई खातों में 68.49 लाख रुपए जमा करने के लिए मजबूर किया। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

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MP में 133 साल पुरानी जमीन पर रक्षा मंत्रालय का कब्जा: हाईकोर्ट ने कार्रवाई को बताया गलत, कहा- तुरंत लौटाया जाए कब्जा

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Mhow land Dispute: मध्य प्रदेश के महू में स्थित 133 साल पुरानी 1.8 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए जबरन कब्जे को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने मंत्रालय की कार्रवाई को गलत बताते हुए कब्जा तुरंत हटाने का आदेश दिया है। यह जमीन 1892 में खरीदी गई थी और 1995 से विवादों में है। कब्जा किए जाने के मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

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