Jabalpur High Court ने नीट याचिका पर सुनवाई से किया इनकार: कहा- इस मामले को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं; SC ने दिया ये जवाब

Jabalpur High Court: जबलपुर हाई कोर्ट ने नीट की परीक्षा परिणाम की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

Jabalpur High Court ने नीट याचिका पर सुनवाई से किया इनकार: कहा- इस मामले को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं; SC ने दिया ये जवाब

Jabalpur High Court: मध्यप्रदेश जबलपुर हाईकोर्ट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा पांच मई को आयोजित कराए गए नीट यूजी परीक्षा परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका पर फिलहाल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

एक्टिंग चीफ जस्टिस एवम जस्टिस अमरनाथ केसरवानी की बेंच ने इस नीट परीक्षा मामले को लेकर कहा कि इस मामले में कोई भी जल्दबाजी नहीं है। साथ ही जबलपुर हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह में करने के निर्देश दिए हैं।

याचिकाकर्ताओं ने नीट-यूजी परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के परिणाम को कोर्ट (Jabalpur High Court) चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने कहा था कि टॉप-13 कैंडिडेट्स के रोल नंबर आस पास होने पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।साथ ही एक कोचिंग सेंटर के 8 उम्मीदवारों के नाम और रोल एक समान पाए गए थे। जबकि, सभी आठ छात्रों को नीट की परीक्षा में पूरे नंबर प्राप्त हुए हैं।

छात्रों को गड़बड़ी की आशंका

जबलपुर निवासी अमीषी वर्मा के अधिवक्ता आदित्य संघी और भोपाल निवासी निशिता सोनी के अधिवक्ता ब्रजेन्द्र मिश्रा ने बताया कि याचिकाकर्ता नीट यूजी परीक्षा 2024 में दी थीं। मगर परिणाम घोषित होने के बाद, परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें सामने आ गईं।

जबलपुर निवासी अमीषी वर्मा को नीट यूजी परीक्षा 2024 में 720 अंक में से 615 अंक आए थे। हालांकि अमीषी वर्मा को उम्मीद थी कि व्यक्तिगत और विशेषज्ञों की गणना अनुसार उन्हें इससे अधिक नंबर मिलने चाहिए थे।

याचिका में ये कहा

जबलपुर हाई कोर्ट (Jabalpur High Court) में दाखिल याचिका में ये भी कहा गया था कि परीक्षा परिणाम में 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिले हैं। जबकि एक ही कोचिंग संस्थान से 6 छात्रों को 720 में 720 अंक आए हैं, जबकि उसी संस्थान के दो और छात्रों को 720 में से 718 और 719 अंक मिले हैं। हैरानी की बात है कि उन सभी छात्रों के नाम और रोल नंबर में भी एक जैसे ही हैं।

जबकि शिकायत कर्ता ने सवाल एनटीए पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत उत्तर देने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी 4 अंक काटती हैं, तो सवाल यह उठता है कि 2 छात्रों को 718 और 719 नंबर किस आधार पर दिए गए हैं। वहीं, अगर उनका एक उत्तर गलत था तो उन्हें 4 नंबर काटकर 716 अंक मिलने चाहिए थे, जबकि सारे उत्तर सही होने पर 720 अंक उन दो छात्रों को मिलने चाहिए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया ये आदेश

NEET एग्जाम लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम सुनवाई की थी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की वेकेशन बेंच ने सीबीआई जांच की अर्जी खारिज करने की मांग की थी, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 8 जुलाई को की जाएगी।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन खड़पीठ ने भी कहा कि इसकी वजह से नीट यूजी की काउंसलिंग को नहीं रुकनी चाहिए और उनके लिए जो समय और तिथी तय की गई थी, उसी समय पर आयोजित की जाए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस सुनवाई को लेकर एनटीए और केंद्र सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

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