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Jabalpur High Court : हाईकोर्ट चुनाव में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर केंद्र और राज्य सरकार एवं चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस

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Bansal News
Jabalpur High Court : हाईकोर्ट चुनाव में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर केंद्र और राज्य सरकार एवं चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस

जबलपुर। हाईकोर्ट ने लगातार चुनावों के Jabalpur High Court चलते देश में और प्रदेश में हो रहे कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन और इन उल्लंघनओं के चलते कोविड-19 को लेकर लगी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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अधिवक्ता पीसी पालीवाल और उमेश त्रिवेदी के तरफ से दायर की गई याचिका पर आज हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए दमोह उपचुनाव सहित अन्य राज्यों में चल रहे चुनावों में कोरोना प्रोटोकॉल का खुले तौर पर उल्लंघन और कहीं ना कहीं इन चुनावों के चलते चल रहे कोरोना को लेकर इस याचिका में दलील दी गई थी। हाईकोर्ट ने आज इस मामले पर सुनवाई करते हुए 26 अप्रैल तक केंद्र सरकार राज्य सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट ने सुनवाई की
याचिकाकर्ता 70 वर्षीय अधिवक्ता पीसी पालीवाल तथा 75 वर्षीय अधिवक्ता उमेश त्रिपाठी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वर्तमान समय में कोरोना संक्रमण ने भयानक रूप धारण कर लिया है। स्वास्थ्य सेवाओं पूरी तरीके से चरमरा गई है अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन तथा दवाओं की कमी है। एंटीवायरस ड्रग रेमेडिसविर इंजेक्शन की जमकर कालाबाजारी हो रही है। श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए लंबे समय तक कतार में इंतजार करना पड़ता है।

नोटिस जारी किया
हाईकोर्ट ने चुनावी रैलियों में कोविड गाईडलाइन का पालन ना होने पर केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग और मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयोग को भी नोटिस जारी किया है और सभी पक्षों से 26 अप्रैल तक जवाब मांगा है।

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अगली सुनवाई 26 अप्रैल को की जाएगी
याचिका में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के इस दौर मे अंतिम संस्कार के लिए शवों को घण्टों इंतज़ार करना पड़ रहा है...पूरे देश में ऑक्सीजन,रेमडेसिविर और जीवन रक्षक दवाओं की कमी है लेकिन इसी दौरान उपचुनाव और विधानसभा के चुनाव करवाए जा रहे हैं जिसमें कोविड गाईडलाइन ताक पर रख दी गई है। फिलहाल जबलपुर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए केन्द्र और राज्य सरकार सहित केन्द्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। मामले पर अगली सुनवाई 26 अप्रैल को की जाएगी।

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