इटारसी रेलवे बुकिंग कार्यालय में 4.50 लाख गायब: हिसाब कम मिलने पर दो महिला कर्मचारियों सस्पेंड

Itarsi Railway Booking Office Scam: टिकट बिक्री के आंकड़ों और कर्मचारियों की निजी राशि का हिसाब जांच के दौरान गड़बड़ मिला, जिससे बड़े हेराफेरी की आशंका है।

इटारसी रेलवे बुकिंग कार्यालय में 4.50 लाख गायब: हिसाब कम मिलने पर दो महिला कर्मचारियों सस्पेंड
Itarsi Railway Booking Office Scam: रेलवे स्टेशन पर टिकट बुकिंग कार्यालय में जमा होने वाले कैश में लगभग 4.50 लाख रुपये की कमी पाई गई, जिसके बाद रेल विभाग ने दो महिला कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जबलपुर रेल सतर्कता विभाग की टीम ने शुक्रवार को छापामार कार्रवाई की थी, जिसमें यह कमी पाई गई थी। अधिकारियों ने इस मामले में अभी तक कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन जांच जारी है।
हिसाब में मिली गड़बड़ी

टिकट बिक्री के आंकड़ों और कर्मचारियों की निजी राशि का हिसाब जांच के दौरान गड़बड़ मिला, जिससे बड़े हेराफेरी की आशंका है। जांच में पता चला कि सरकारी कोष में करीब 4.50 लाख रुपये की कमी है। इस मामले में रेलवे ने आन ड्यूटी बुकिंग क्लर्क और एक महिला सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया है।

कई बार मिल चुकी थी शिकायत

जबलपुर सतर्कता विभाग को लंबे समय से इस मामले की शिकायत मिल रही थी। शिकायत के आधार पर शुक्रवार को टीम ने कार्यालय में छापेमारी की। टीम ने बुकिंग विंडो पर तैनात कर्मचारियों की सरकारी और निजी राशि का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें अनियमितताएं पाई गईं। इस मामले में पर्यवेक्षक की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।

कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद रेलवे विभाग में हलचल मच गई है, हालांकि उच्च अधिकारी इस पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। जांच के दौरान मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक भावना राय अवकाश पर थीं, जिन्हें शनिवार को उनके बयान के लिए तलब किया गया था। जांच पूरी होने के बाद विभाग ने रिपोर्ट तैयार की और इसके बाद दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। राय की जगह अब मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक दीपा मेहरा को बुकिंग का कार्यभार सौंपा गया है, और वे पार्सल ऑफिस के साथ-साथ बुकिंग पर्यवेक्षक का भी काम संभालेंगी।

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मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएँ हो रही हैं, हालांकि अधिकारी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रहे हैं कि यह राशि किस प्रकार कम पाई गई, और इस मामले में कौन-कौन शामिल हैं। यह भी चर्चा है कि सरकारी धन का दुरुपयोग स्टाफ की मिलीभगत से किया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी।

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