Itarsi-Nagpur Railway Line: ऊपर भागती ट्रेन, नीचे तफरीह करते बाघ, MP में बनेंगे ऐसे चार अंडरपास...

Itarsi-Nagpur Railway Line: पेंच में 2019 में एशिया का सबसे बड़ा वन्यप्राणी कॉरिडोर बना था। इसी तर्ज पर इटारसी-नागपुर रेल लाइन पर अंडरपास बनेगा।

Itarsi-Nagpur Railway Line: ऊपर भागती ट्रेन, नीचे तफरीह करते बाघ, MP में बनेंगे ऐसे चार अंडरपास...

Itarsi-Nagpur Railway Line: इटारसी-नागपुर रेल लाइन में रेलवे द्वारा चार जगहों पर अंडरपास बनाए जाएंगे, जहां ऊपर से ट्रेन तो टनल से बाघ सहित वन प्राणी निकल सकेंगे। जानवरों को रेल हादसों से बचाने के लिए ये निर्णय लिया गया है।

पेंच में 2019 में एशिया का सबसे बड़ा वन्यप्राणी कॉरिडोर बना था। इसी तर्ज पर इटारसी-नागपुर रेल लाइन पर अंडरपास बनेगा। गुरुवार को पीएम प्रगति की बैठक में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मध्यप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन और अधिकारियों की बैठक ये फैसला हुआ। मीटिंग में सचिव वन अतुल मिश्रा, एसीएस ऊर्जा नीरज मंडलोई और एसीएस राजस्व विवेक पोरवाल भी शामिल हुए।

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अंडरपास से वन्य प्राणी निकलेंगे

मीटिंग में इटरासी से नागपुर के बीच रेल लाइन का मुद्दा भी उठाया गया। वन विभाग ने कहा कि जानवरों को रेल लाइन से जाने के लिए चार जगहों पर अंडरपास बनाया जाएं। इसमें ऊपर रेल लाइन और नीचे से वन्य प्राणी निकल सकेंगे। इस क्षेत्र में बुदनी-मिडघाट सेक्शन है, जहां बाघ रेलवे लाइन को पार करते समय हादसे का शिकार हो जाते हैं।

पेंच में 2018 में बना कॉरिडोर

पेंच टाइगर रिजर्व में 2018 में हाईवे के नीचे नौ अंडरपास बनाए गए। ये देश का पहला वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर है। वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने 2019 में इसकी निगरानी शुरू की। वर्ष 2020 में 500 वन्य प्राणियों ने कॉरिडोर का उपयोग किया है।

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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ का रेस्क्यू

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गले में फंदा लगे टाइगर का शुक्रवार को रेस्क्यू किया गया। टाइगर को पिंजरे में रखा जाएगा। पांच हाथी, 80 कर्मचारी और ट्रैप कैमरों से बाघ का रेस्क्यू किया गया। बता दें कि 25 नवंबर को बांधवगढ़ रिजर्व में लोगों को एक बाघ दिखाई दिया था, जिसके गले में फंदा लगा हुआ था।

जब इसकी जानकारी पार्क प्रबंधन को लगी तो उन्होंने टाइगर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। बाघ को पकड़ने के लिए हाथी व कर्मचारियों का दल जंगल में पांच दिन घूमता रहा। बाघ अपनी लोकेशन बदल रहा था। शुक्रवार को बाघ के मूवमेंट वाले क्षेत्र में टीम पहुंची और उसका रेस्क्यू कर लिया।

शिकार की घटनाएं

साल

शिकार

2016171
2017245
2018324
2019266
2020498
2021376
2022480
2023321
202498
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