Israel Hamas Attack: इजरायल अपने ऊपर हुए मिसाइल हमले से कैसे बच जाता है?, जानिए बचाने वाले ‘आयरन डोम’ की कहानी

Israel Hamas Attack

नई दिल्ली। इजराइल और फिलिस्तीनी चरमपंथियों के बीच काफी दिनों से संघर्ष चल रहा है। अब तक दोनों तरफ से करीब 80 लोग मारे जा चुके हैं। लेकिन सबसे ज्यादा गाजा में 65 लोगों की मौत हुई है। इजराइल के तरफ से किए गए जवाबी कार्रवाई में हमास का कमांडर और उसके कई साथी मारे गए हैं। जानकारी के मुताबिक मारे गए 65 फिलिस्तीनियों में 16 बच्चे और पांच महिलाएं शामिल हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इजरायल को इतना कम नुकसान कैसे हो रहा है।

इजराइल के पास आयरन डोम है

दरअसल, इजराइल के पास दुनिया का सबसे बेहतरीन एंटी मिसाइल सिस्टम “आयरन डोम” है। यह एक ऐसी व्यवस्था है जिससे पूरे शहर को मिसाइल हमले से बचाया जाता है। आयरन डोम से राकेट, मोर्टार शैल, यूएवी और मिसाइल को हवा में ही मार गिराया जाता है। ताकि किसी भी तरह से जान-माल का नुकसान न हो।

इजराइल काफी पहले से मिसाइल का शिकार है

मालूम हो कि इजराइल काफी पहले से ही मिसाइल का शिकार रहा है। जब इजराइल और लेबनान के बीच युद्ध चल रहा था तो लेबनान की जमीन से आंतकवादी संगठन हिज्बुल्ला ने हजारों मिसाइल इजराइल के शहरों पर दागे थे। इस हमले में इजराइल को काफी नुकसान हुआ था। जिसके बाद साल 2006 में इजराइल ने आयरन डोम पर काम करना शुरू किया।

तीन चीजों पर काम करता है आयरन डोम

आयरन डोम में एक साथ तीन चीजें काम करती हैं। पहला ताकतवर राडार, जो छोटी से छोटी चीज को भी समय रहते आसमान में ही पकड़ लेती है और अलर्ट जारी कर देती है। ये अलर्ट बैटल मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा होता है। जहां सुपर कंप्यूटर लगे होते हैं और इससे जुड़ा होता है मिसाइल बैटरी सिस्टम। जिस सुपर कंप्यूटर से आदेश जाती ही फायर कर देता है और मिसाइल को हवा में ही मार गिराता है। इजराइल ने इस सिस्टम को अपने हर बड़ शहर में लगा रखा है।

आयरन डोम काफी महंगा है

आयरन डोम को बनाने में इजरायल को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। क्योंकि ये पूरी व्यवस्था काफी महंगी है। एक बैटरी में लगभग 7.3 करोड़ रुपये की लागत वाली 4 मिसाइलें लगी होती हैं। यानी हर मिसाइल की कीमल 59 लाख रूपये होती है। ऐसी स्थिति में अमेरिका ने इजरायलियों को आयरन डोम बनाने में मदद की थी।

भारत भी खरीद रहा है आयरन डोम

हिन्दुस्तान भी इसी तरह का एक सिस्टम रूस से खरीद रहा है। इसकी लागत 5 बिलियन डॉलर या कहें तो 365 अरब रुपये है। लेकिन इसकी मारक क्षमता कहीं ज़्यादा है। ये व्यवस्था 400 किलोमीटर वर्ग में सुरक्षा प्रदान करती है। ये राकेट, मोर्टार और क्रूज मिसाइल से भी बचा सकती है।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password